CBI कोर्ट ने आय से अधिक सम्पति केस में दी तीन साल की सजा, 25 लाख का जुर्माना

Ranchi: रांची सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक सम्पति अर्जित करने से जुड़े केस में फैसला सुना...

CBI court sentences accused to three years in prison and imposes a fine of ₹25 lakh in a disproportionate assets case.

Ranchi: रांची सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक सम्पति अर्जित करने से जुड़े केस में फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने इस केस में ट्रायल फेस कर रही रजनी अग्रवाल को दोषी करार दिया है. इस केस के मुख्य आरोपी शंकर कुमार अग्रवाल की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई है. कोर्ट ने रजनी अग्रवाल को पीसी एक्ट (प्रिवेंशन ऑफ करप्शन) की धारा 13(2) और 13 (1) के तहत दोषी करार दिया है. इस केस में सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल ने एजेंसी का पक्ष रखा.

24 वर्षों बाद आया यह फैसला

सीबीआई ने आय से अधिक सम्पति अर्जित करने को लेकर वर्ष 2002 में कांड संख्या RC 10/2002 दर्ज की थी. केस दर्ज होने के 24 वर्षों बाद यह फैसला आया है. शंकर कुमार अग्रवाल सरकारी कर्मचारी थे और उन्होंने अपनी आय से करीब 193 प्रतिशत ज्यादा सम्पति अर्जित की थी. यह सम्पति उन्होंने वर्ष 1987 से लेकर वर्ष 2002 के बीच अर्जित की थी.कोर्ट ने उनकी पत्नी को अर्जित की गई आय से अधिक सम्पति का लाभुक मानते हुए 3 वर्ष सश्रम कारावास और 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है.

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