Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू की संयुक्त अध्यक्षता में विधि-व्यवस्था, जिला कारा सुरक्षा समिति, एनसीओआरडी (NCORD) और उत्पाद विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, अवैध शराब और मादक पदार्थों की रोकथाम सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.
श्रावणी मेला में सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
बैठक में गोईलकेरा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध महादेवसाल मंदिर में आयोजित श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा की गई. उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त पुलिस बल, दंडाधिकारियों की तैनाती, बैरिकेडिंग, चिकित्सा सुविधा, पेयजल और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए. सावन की सोमवारी को विशेष सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन लागू करने को कहा गया.
अपराध नियंत्रण और निगरानी बढ़ाने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को नियमित वाहन जांच, रात्रि गश्ती और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया.
अंचल और थाना दिवस से होगा समस्याओं का समाधान
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह की 10 तारीख को अंचल/थाना दिवस आयोजित किया जाएगा. इसमें भूमि विवाद, राजस्व मामले, सामाजिक विवाद और जनसमस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जाएगा.
अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर सख्ती
उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अवैध शराब निर्माण, बिक्री और भंडारण के खिलाफ अभियान तेज करने का निर्देश दिया. उन्होंने महुआ जावा, अवैध चुलाई शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस और उत्पाद विभाग को संयुक्त कार्रवाई करने को कहा.

अफीम की खेती रोकने के लिए बनेगी रणनीति
बैठक में अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने के लिए अग्रिम तैयारी करने का निर्देश दिया गया. संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, ग्रामीणों को जागरूक करने और वैकल्पिक खेती से जोड़ने पर जोर दिया गया.
जिला कारा सुरक्षा और बंदियों के कौशल विकास पर चर्चा
जिला कारा सुरक्षा समिति की बैठक में मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, प्रकाश व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई. वहीं प्रोजेक्ट बदलाव के तहत बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार आधारित प्रशिक्षण नियमित रूप से संचालित करने का निर्देश दिया. बैठक के अंत में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को मजबूत बनाए रखें.
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