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चाईबासा एवं चक्रधरपुर में 6 निश्चय मित्रों ने 28 टीबी मरीजों को लिया गोद
Chaibasa: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित ‘प्रोजेक्ट जागृति-बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ के तहत सदर अस्पताल, चाईबासा परिसर में टीबी मरीजों के पोषण एवं उपचार में सहयोग के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार की उपस्थिति में जिले के कुल 92 टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार का वितरण किया गया. इस अवसर पर 43 पुराने टीबी मरीजों को तीसरी बार पोषक आहार उपलब्ध कराया गया, जबकि 49 नए चिन्हित टीबी मरीजों के बीच पहली बार पोषक आहार का वितरण किया गया. पोषक आहार वितरण का उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के साथ पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराकर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहयोग प्रदान करना है. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि टीबी के उन्मूलन के लिए केवल दवा उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मरीजों को उपचार के साथ पोषण, नियमित निगरानी और सामाजिक सहयोग भी मिलना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट जागृति’ के माध्यम से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-केंद्रित बनाते हुए कमजोर एवं जरूरतमंद मरीजों तक आवश्यक सहयोग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने निक्षय मित्रों से टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण में सहयोग करने की अपील की.

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चाईबासा में तीन निक्षय मित्र बने, 20 टीबी मरीजों को लिया गोद
कार्यक्रम के दौरान चाईबासा क्षेत्र में तीन निक्षय मित्र आगे आए और कुल 20 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण में सहयोग प्रदान करने की जिम्मेदारी ली. इस क्रम में एलआरडीसी जीतराय मुर्मू द्वारा 5 टीबी मरीजों, एसीएमओ डॉ. मीणा कलुण्डिया द्वारा 10 टीबी मरीजों तथा जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनीला खलको द्वारा 5 टीबी मरीजों को गोद लिया गया. इस पहल के माध्यम से संबंधित निक्षय मित्रों द्वारा टीबी मरीजों को उपचार अवधि के दौरान आवश्यक पोषण एवं सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई.


चक्रधरपुर में भी तीन निक्षय मित्रों ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
इसी क्रम में चक्रधरपुर में भी तीन निक्षय मित्र बने. इनके द्वारा कुल 8 टीबी मरीजों को गोद लिया गया. चक्रधरपुर में कंचन मुखर्जी, प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा 2 टीबी मरीजों, एमओ/आईसी, चक्रधरपुर डॉ. जे.जे. मुंडू द्वारा 5 टीबी मरीजों तथा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद चक्रधरपुर विजय हंसदा द्वारा 1 टीबी मरीज को गोद लिया गया. जिला प्रशासन की इस पहल से टीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ सामाजिक एवं पोषण संबंधी सहयोग मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है. प्रशासन का प्रयास है कि जिले में टीबी मरीजों को नियमित उपचार के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रभावी योगदान दे सके. ‘प्रोजेक्ट जागृति- बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता, समय पर जांच, उपचार एवं मरीजों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है.

