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योग दिवस पर रंगीन सियासत: सफेद समंदर में ब्लैक डायमंड बने सीपी सिंह, इरफान के तंज पर दिया करारा जवाब

Ranchi: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राजकीय समारोह में जहां चारों तरफ शांति और सादगी का सफेद समंदर उमड़ पड़ा था, वहीं भाजपा...

योगा करते सीपी सिंह
योगा करते सीपी सिंह

Ranchi: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राजकीय समारोह में जहां चारों तरफ शांति और सादगी का सफेद समंदर उमड़ पड़ा था, वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सीपी सिंह अपने अलग अंदाज में नजर आए. जब पूरी महफिल सफेद टी-शर्ट और सफेद ट्राउजर के योग ड्रेस कोड में अनुशासित दिख रही थी, तब सीपी सिंह काले रंग के लिबास में पहुंचे. फिर क्या था, योग के मंच पर ही सियासत का एक ऐसा चटपटा आसन शुरू हो गया, जिसने वहां मौजूद हर किसी का ध्यान खींच लिया.

इरफान का तंज

सफेद रंग के बीच अकेले काले लिबास में चमक रहे सीपी सिंह को देखकर कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने तुरंत चुटकी लेते हुए अपनी चिर-परिचित शैली में गुगली फेंकी. इरफान अंसारी ने सीधे सीपी सिंह से पूछ डाला कि क्या आज आप योग दिवस पर ब्लैक डे (काला दिवस) मना रहे हैं, जो पूरे काले परिधान में उठकर चले आए हैं? वहां मौजूद लोग इस तीखे और मजाकिया सवाल पर मुस्कुरा उठे और सबकी निगाहें सीपी सिंह के अगले जवाब पर टिक गईं.

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सीपी सिंह का पलटवार

आमतौर पर अपने कड़क मिजाज के लिए जाने जाने वाले सीपी सिंह ने इस बार गुस्से के बजाय बेहद शांत और दार्शनिक अंदाज में इरफान के शॉट पर कवर ड्राइव लगाया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि रंग में क्या रखा है भाई, जैसी इंसान की सोच होती है, वैसे ही उसके विचार होते हैं.

सीपी सिंह ने साफ कर दिया कि योग मन को शुद्ध करने का माध्यम है, कपड़ों के रंग से इसका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए यह भी जता दिया कि देखने वाले की नजर में खोट हो, तो उसे हर जगह सिर्फ “काला” ही नजर आता है.

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चर्चा का विषय बनी नोकझोंक

राजकीय कार्यक्रम में यह नोकझोंक पूरे समय चर्चा का विषय बनी रही. सोशल मीडिया से लेकर पंडाल के गलियारों तक लोग कहने लगे कि जहां बाकी नेता प्रोटोकॉल के रंग में रंगे थे, वहीं सीपी सिंह ने अपने ब्लैक स्वैग से न सिर्फ सुर्खियां बटोरीं, बल्कि इरफान अंसारी को ऐसा जवाब दिया कि आगे बहस की गुंजाइश ही नहीं बची.

योग के इस मंच ने दिखा दिया कि आसन चाहे अनुलोम-विलोम का हो, राजनीति के महारथी शब्दों का प्राणायाम करना कभी नहीं भूलते.

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