Jamtara: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जामताड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, गिरोह का कथित मास्टरमाइंड इमरान अंसारी फरार हो गया. पुलिस ने उसके कब्जे से एक लैपटॉप बरामद किया है, जिसकी जांच की जा रही है.
पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार
साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के पिंडारी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरबाज अंसारी, शरीफ अंसारी, इरफान अंसारी और फरीद अंसारी के रूप में हुई है. इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया. पुलिस के अनुसार, आरोपी कूरियर कंपनी के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे. समस्या के समाधान के नाम पर वे पीड़ितों को फर्जी APK फाइल भेजते थे. फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल की गोपनीय जानकारी हासिल कर बैंक खातों से ठगी को अंजाम दिया जाता था.

तकनीकी जांच से साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि देवघर निवासी शरीफ अंसारी स्थानीय युवकों को साइबर ठगी के तरीके सिखाता था. वहीं, फरार इमरान अंसारी को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. पुलिस को उम्मीद है कि बरामद लैपटॉप की तकनीकी जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा होगा. मामले में कर्माटांड़ साइबर थाना में बीएनएस, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस फरार आरोपी इमरान अंसारी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.


