Palamu: सांसद विष्णु दयाल राम ने बुधवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत जिले में रेलवे वैगन उत्पादन इकाई और मेगा वैगन अनुरक्षण (पीओएच/आरओएच) कार्यशाला स्थापित करने की मांग उठाई. इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इस संबंध में मांग पत्र भी सौंपा. सांसद ने सदन में कहा कि पलामू और गढ़वा झारखंड के औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों में शामिल हैं. स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है. इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन दोनों प्रभावित होते हैं.
कोयला परिवहन में झारखंड की महत्वपूर्ण भूमिका- सांसद
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे की माल ढुलाई, खासकर कोयला परिवहन में झारखंड की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसके बावजूद राज्य में अब तक रेलवे की कोई बड़ी वैगन उत्पादन इकाई स्थापित नहीं की गई है. सांसद ने गढ़वा रोड और जपला रेलवे स्टेशन को इस परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बताया. उन्होंने कहा कि इन स्टेशनों पर रेलवे के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और ये सीसीएल (CCL) व बीसीसीएल (BCCL) के कोयला क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मालवाहक मार्ग पर स्थित हैं. यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में खाली मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे यह स्थान पीओएच और आरओएच कार्यों के लिए उपयुक्त है.
पलायन पर लगेगी रोक- सांसद विष्णु दयाल राम
सांसद ने कहा कि वर्तमान में रेलवे को वैगनों के मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त क्षमता नहीं होने के कारण अनुरक्षण कार्यों में देरी का सामना करना पड़ता है. पलामू में वैगन उत्पादन इकाई और मेंटेनेंस वर्कशॉप स्थापित होने से रेलवे की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और माल परिवहन व्यवस्था अधिक मजबूत होगी. उन्होंने रेल मंत्री से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और युवाओं के पलायन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
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