सरकार के रवैये पर देवेंद्र नाथ महतो नाराज, बोले- भर्ती सुधार नहीं हुआ तो CM आवास का होगा घेराव

Ranchi: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने...

Devendra Nath Mahto Unhappy With Government's Approach
Devendra Nath Mahto Unhappy With Government's Approach

Ranchi: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के दबाव में सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई की. इनमें 22 परीक्षाएं रद्द की गईं, 17 परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए, जबकि छह परीक्षाएं स्थगित की गईं.

हाईकोर्ट में सरकार की पैरवी पर सवाल

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि JPSC, FSO, CDPO और JSSC CGL समेत कई परीक्षाओं के मामले न्यायालय तक पहुंचे. सरकार ने CID जांच रिपोर्ट और सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर परीक्षाओं को रद्द किया था. लेकिन जब हाईकोर्ट के समक्ष सरकार को अपना पक्ष मजबूती से रखने का मौका मिला, तो सरकार की ओर से CID जांच रिपोर्ट को प्रभावी तरीके से क्यों नहीं रखा गया, यह बड़ा सवाल है.

उन्होंने कहा कि इससे झारखंड के छात्र और आम जनमानस आहत हैं. छात्रों को उम्मीद थी कि इस कार्रवाई के बाद राज्य की भर्ती व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में पेपर लीक व परीक्षा में धांधली पर रोक लगेगी.

निर्दोष छात्रों की नौकरी छीनना हमारा उद्देश्य नहीं’

देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष किसी निर्दोष छात्र की नौकरी छीनने के लिए नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को उन छात्रों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जो निर्दोष हैं और जिनका चयन हुआ है. सरकार को दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ निर्दोष छात्रों के भविष्य की भी रक्षा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि आंदोलन भ्रष्टाचार, धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ है.

2 जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन

देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर अभियान की शुरुआत 2 जुलाई से हुई थी. 5 जुलाई से आंदोलन, 25 जुलाई से सत्याग्रह और 2 अगस्त से भूख हड़ताल शुरू की गई. अब आंदोलन का अगला चरण ‘भर्ती सुधार यात्रा’ होगा.

उन्होंने घोषणा की कि 24 अगस्त, सोमवार से शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से भर्ती सुधार यात्रा शुरू की जाएगी. यात्रा के दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों में छात्र, शिक्षक, प्रोफेसर और आम लोगों के बीच भर्ती व्यवस्था को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा.

पेपर लीक और भर्ती धांधली पर गारंटी की मांग

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार को गारंटी देनी होगी कि भविष्य में झारखंड में पेपर लीक नहीं होगा और भर्ती प्रक्रिया में धांधली नहीं होगी. उन्होंने कहा कि यदि 45 परीक्षाओं पर CID जांच के आधार पर कार्रवाई हुई है और गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए.

उन्होंने नगरपालिका, लॉ असिस्टेंट, हेड वर्कर, सहायक पुलिस और अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों को भी आंदोलन में प्रमुखता से उठाने की बात कही.

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सितंबर की सुनवाई के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आगामी न्यायालय की सुनवाई में यदि सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री आवास घेराव, चक्का जाम और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी.

’26 साल से छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा छल’

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पिछले 26 वर्षों से झारखंड की भर्ती व्यवस्था को लेकर छात्रों के साथ छल और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा आंदोलन का उद्देश्य केवल परीक्षाएं रद्द कराना नहीं, बल्कि झारखंड में ऐसी भर्ती व्यवस्था तैयार कराना है, जिसमें भविष्य में पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे.

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