धनबाद: बरोरा बस्ती में खनन के खिलाफ जनाक्रोश,टांडा’ जैसी त्रासदी की आहट से सहमे ग्रामीण

DHANBAD: कोयलांचल में खनन और उससे उत्पन्न होने वाले भू-धंसान का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है. धनबाद के बरोरा थाना...

DHANBAD: कोयलांचल में खनन और उससे उत्पन्न होने वाले भू-धंसान का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है. धनबाद के बरोरा थाना क्षेत्र स्थित बरोरा बस्ती में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने कोलियरी का चक्का जाम करते हुए प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और काम रोक दिया. लोगों का आरोप है कि उनकी बस्ती के ठीक नीचे पिलर काटकर कोयला निकाला जा रहा है, जिससे पूरी बस्ती के जमींदोज होने का खतरा पैदा हो गया है.

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पिलर कटिंग से खोखली हो रही जमीन, बढ़ा हादसे का खतरा

ग्रामीणों ने बेहद डराने वाला खुलासा करते हुए बताया कि बस्ती के नीचे स्थित इनकलाइन (खदान के मुहाने) में पिलर कटिंग की जा रही है. कोयला माफिया द्वारा सुरक्षा पिलरों को निशाना बनाने से जमीन के अंदर की संरचना खोखली हो गई है. स्थानीय निवासी बताते हैं कि जमीन के नीचे हो रही इस हलचल से घरों की दीवारों में दरारें आने और कभी भी बड़े भू-धंसान की आशंका बनी रहती है.

टांडा जैसी त्रासदी की आशंका से सहमे ग्रामीण

आंदोलनकारी ग्रामीणों के बीच ‘टांडा बस्ती’ जैसी त्रासदी का खौफ साफ देखा गया. उन्होंने कहा कि हमें डर है कि कहीं बरोरा का हाल भी टांडा जैसा न हो जाए, जहां जमीन फटने और आग लगने से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए थे. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते अवैध मुहानों को बंद नहीं किया गया, तो सैकड़ों जिंदगियां खतरे में पड़ जाएंगी.

BCCL प्रबंधन पर लापरवाही और वादाखिलाफी के आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या नई नहीं है. बीसीसीएल प्रबंधन को इस बारे में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रबंधन ने एक महीने के भीतर सभी अवैध मुहानों को डोजरिंग कर भरने का आश्वासन दिया था. समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे अवैध खनन का कारोबार और फलने-फूलने लगा.

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