Ranchi: झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) अपने बज्रगृह और मूल्यांकन केंद्रों को साफ करने की तैयारी में है. बोर्ड ने वर्ष 2022 से 2024 के बीच आयोजित मैट्रिक, इंटरमीडिएट, मदरसा और व्यावसायिक परीक्षाओं की करोड़ों मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं को रद्दी के रूप में बेचने का निर्णय लिया है.
1.34 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं की बिक्री
जैक द्वारा जारी सूचना के अनुसार कुल 1,34,33,768 मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं और अन्य अनुपयोगी सामग्रियों की बिक्री के लिए टेंडर जारी किया गया है. इसमें जिला कोषागारों से प्राप्त पुरानी सामग्री भी शामिल है.
टेंडर प्रक्रिया और तिथियां
इसके लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल निर्धारित की गई है. 27 अप्रैल को टेंडर खोले जाएंगे. इस प्रक्रिया के माध्यम से बोर्ड को बड़ा राजस्व मिलने की उम्मीद है, साथ ही लंबे समय से जमा अनुपयोगी कागजातों का निपटारा भी हो सकेगा.
गोपनीयता और सुरक्षा पर जोर
जैक ने इस नीलामी में सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा है. निविदादाताओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि खरीदी गई उत्तरपुस्तिकाओं का उपयोग केवल रीसाइक्लिंग के लिए किया जाएगा.
पेपर मिल से संबद्धता अनिवार्य
इसके लिए निविदादाता को किसी पेपर मिल के साथ संबद्धता का प्रमाण पत्र देना होगा, ताकि उत्तरपुस्तिकाओं का किसी भी प्रकार से दुरुपयोग न हो सके.
