Ranchi : राज्य के 29,995 बच्चों को अब तक किसी भी स्कूल में एडमिशन नहीं हुआ है. इसकी जानकारी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में मिली. रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति प्रवासी बच्चों को लेकर है. जिनकी संख्या 3,069 है. ये बच्चें माता पिता के साथ पलायन के कारण पढ़ाई से वंचित हो गये है. वहीं 2,129 बाल मजदूर, 1,897 अनाथ और एकल अभिभावक वाले बच्चे, 1,813 आदिम जनजाति समुदाय के बच्चे और 1,407 घरेलू कामकाज में लगे बच्चे भी स्कूल से दूर हैं. विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट चिंताजनक है. जो शिक्षा व्यवस्था को कड़ी चुनौती दे रहे है.

बैक टू स्कूल अभियान शुरू
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने राज्यव्यापी बैक टू स्कूल अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी घर घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान कर रहे हैं, जो किसी कारणवश स्कूल से बाहर हैं. प्रत्येक विद्यालय के पोषक क्षेत्र की मैपिंग की जा रही है और शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने क्षेत्र के हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ें.
पलायन सबसे बड़़ी बाधा
विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बाल मजदूरी, पलायन, अनाथ और गरीबी पढ़ाई की सबसे बड़ी बाधा है. पलायन के कारण बच्चें अपने परिवार के साथ रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में भटक रहे हैं. जिन्हें स्कूल तक पहुंचाना सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है.
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