Election campaign ends: आज केरल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार समाप्त हो गया. राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होना है. 140 विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी. इस बार चुनाव में 883 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 375 राष्ट्रीय दलों से, 81 राज्य की पार्टियों से, 145 गैर-पंजीकृत दलों से और 282 निर्दलीय उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं.

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केरल विधानसभा चुनाव की खास बातें
– केरल में एक ही चरण में होंगे मतदान
– 9 अप्रैल को डाले जाएंगे वोट
– केरल विधानसभा चुनाव में कुल 2,71,42,952 (लगभग 2.71 करोड़) मतदाता
– कुल मतदाता: 2,71,42,952
– पुरुष मतदाता: 1,32,20,811
– महिला मतदाता: 1,39,21,868
– थर्ड जेंडर मतदाता: 273
– राज्य में कुल 25 हजार 147 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं.
केरल के चुनावी मैदान में प्रमुख चेहरे
2026 के केरल विधानसभा चुनाव में कई प्रमुख चेहरे और बेहद दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल रहे हैं, खासकर मध्य केरल (एर्नाकुलम, इदुक्की, कोट्टायम और अलप्पुझा) में जहां चुनाव केवल पार्टी के गणित के बजाय चेहरों और व्यक्तिगत वफादारी पर केंद्रित हो गया है.

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पिनरई विजयन: केरल के मौजूदा मुख्यमंत्री और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) गठबंधन के प्रमुख नेता विजयन अपनी पारंपरिक धर्मदम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
वीडी. सतीशन: विपक्षी गठबंधन के मुख्य नेता और कांग्रेस के प्रमुख चेहरे सतीशन परवूर सीट से चुनावी मैदान में हैं. वे राहुल गांधी के साथ चुनाव प्रचार अभियान में जोर-शोर से जुड़े रहे हैं, ताकि मध्य केरल में ज्यादा सीटें जुटाई जा सकें.
राजीव चंद्रशेखर और के. सुरेंद्रन: ये दोनों भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बड़े चेहरे हैं. राजीव चंद्रशेखर नेमोम से और के. सुरेंद्रन मंजेश्वरम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
जी. सुधाकरन: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से बगावत कर निर्दलीय ही अंबलप्पुझा सीट से चुनाव में हैं. उनका मुकाबला माकपा के एच. सलाम से है, जो कभी खुद सुधाकरन का चुनाव प्रचार संभालते थे.
