Ranchi: सिविल कोर्ट में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और धांधली मामले में गिरोह के सदस्य विषम कुमार की अग्रिम जमानत याचिका (ABP) पर एजेसी योगेश कुमार की अदालत में आंशिक सुनवाई हुई. अगली सुनवाई के लिए 25 जून की तारीख निर्धारित की गई है. आरोपी के अधिवक्ता की ओर से दलील दी गई कि जब जेएसएससी स्वयं यह मान रही है कि पेपर लीक नहीं हुआ है, तो पेपर लीक का आरोप निराधार है. गौरतलब है कि इस मामले में गत 8 मई को 154 अभ्यर्थियों को अदालत ने जमानत दे दी थी.
क्या है पूरा मामला
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होनी थी. लेकिन 12 अप्रैल की रात अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाए जा रहे थे. इसी दौरान तमाड़ पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था. मामले में अभ्यर्थियों सहित कुल 166 आरोपियों को तमाड़ पुलिस ने रड़गांव से गिरफ्तार किया था. इनमें सात महिला अभ्यर्थियों सहित सरगना और पांच मास्टरमाइंड भी शामिल हैं. इस मामले में जमानत के लिए 78 याचिकाएं दाखिल की गई हैं.
कोर्ट की कार्यवाही और जांच स्थिति
मामले में तीन से अधिक बार सुनवाई हो चुकी है. अदालत ने सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की थी, लेकिन तमाड़ पुलिस ने अब तक केस डायरी प्रस्तुत नहीं की, जिसके कारण सुनवाई तीन बार टल चुकी है. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने केस डायरी पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा और कहा कि मामले के कई पहलुओं पर जांच अभी जारी है. इस पर अदालत ने अंतिम मौका देते हुए अगली तारीख तक हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
कैसे हुआ खुलासा
गौरतलब है कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस छापेमारी के दौरान इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे और एक संगठित गिरोह इस धांधली को अंजाम दे रहा था.
अभ्यर्थियों से परीक्षा से पहले तीन लाख रुपये और नियुक्ति के समय 10 लाख रुपये देने की बात तय की गई थी. रड़गांव में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखकर ग्रामीणों को नक्सली या आपराधिक गतिविधि का शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले का खुलासा हुआ.



