Ranchi: झारखंड में अवैध शराब के मामलों को लेकर सिर्फ एक जिले के एसपी ने रिपोर्ट भेजी है. सीआईडी मुख्यालय द्वारा 17 जुलाई को तैयार एक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, 24 में से केवल एक जिला चाईबासा ने समय पर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई है. शेष 23 जिलों के एसपी द्वारा रिपोर्ट न भेजे जाने पर सीआईडी मुख्यालय ने गहरा खेद प्रकट किया है. इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीआईडी मुख्यालय ने संबंधित जिलों के एसपी को कड़ा पत्र जारी किया है और निर्देश दिया है कि भविष्य में हर माह यह रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाए.

क्या है पूरा मामला?
– यह पूरा मामला राज्यभर में वर्ष 2024 से 2025 के बीच दर्ज अवैध शराब की बरामदगी और तस्करी से जुड़े केसों के आंकड़ों से संबंधित है.
– सीआईडी मुख्यालय ने सबसे पहले 20 जनवरी 2026 को जिले के एसएसपी और एसपी को पत्र लिखकर अवैध शराब के केसों का ब्योरा मांगा था.
– जब सीआईडी मुख्यालय के एसपी द्वितीय ने 14 जुलाई को प्राप्त रिपोर्टों की समीक्षा की, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया. चाईबासा जिले को छोड़कर किसी भी अन्य जिले ने अब तक डेटा उपलब्ध नहीं कराया था.
17 जुलाई को दोबारा भेजा गया रिमांडर पत्र
जिलों से आंकड़ा न मिलने के कारण सीआईडी मुख्यालय को 17 जुलाई को दोबारा सभी जिला एसपी को पत्राचार करना पड़ा. इस बार मुख्यालय ने वर्ष 2024 से जून 2026 तक दर्ज अवैध शराब के सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. ताकि डेटा में एकरूपता रहे, सीआईडी ने एक खास निर्धारित फॉर्मेट भी तैयार कर सभी जिलों को भेजा है.
जिलों के एसपी को इस फॉर्मेट में देनी होगी जानकारी
– जिला का नाम
– वर्षवार दर्ज कुल मामलों की संख्या
– कुल गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या
– बरामदगी का ब्योरा (देसी एवं अंग्रेजी शराब की मात्रा)
– केस की अद्यतन स्थिति (चार्जशीट दाखिल हुई या अनुसंधान अभी लंबित है)
रेंज DIG और रेल पुलिस को भी दी गई सूचना
जिलों द्वारा बरती जा रही इस लापरवाही पर सीआईडी मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है. सीआईडी ने इस पूरे मामले की जानकारी राज्य के सभी रेंज डीआईजी को दे दी है. जिला पुलिस के अलावा रेल धनबाद और रेल जमशेदपुर पुलिस ने भी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसे देखते हुए रेल डीआईजी को भी सूचित किया गया है, ताकि वे अपने स्तर से संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दे सकें और सीआईडी को समय पर रिपोर्ट मिलना सुनिश्चित हो सके.

