SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड में नक्सली गतिविधियों में आई कमी और पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा फैसला लिया है. डीजीपी के आदेश पर राज्य में नक्सल विरोधी अभियान हेतु तैनात सैट (Special Action Team) की 73 टीमों के पुनर्गठन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है.

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जाने क्यों लिया गया यह निर्णय?
– मुख्यालय द्वारा की गई समीक्षा में यह बात सामने आई है कि वर्तमान में विभिन्न जिलों और प्रतिष्ठानों में तैनात कुल 124 सैट टीमों में से कई टीमें मानक के अनुरूप नहीं हैं.
– अधिकांश सैट टीमों में निर्धारित संख्या के अनुसार जवान उपलब्ध नहीं हैं. कई कर्मियों को बिना मुख्यालय की अनुमति के कार्यालय कार्य, हवाई अड्डा सुरक्षा या विधि-व्यवस्था जैसे अन्य कार्यों में लगा दिया गया है, जिसे मुख्यालय ने दुरुपयोग माना है.
– राज्य के कई क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों में कमी आने के कारण अब इन विशेष टीमों की भूमिका में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
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क्राइम टास्क फोर्स का होगा गठन
नए आदेश के तहत अब सैट की कुछ टीमों को क्राइम टास्क फोर्स के रूप में तब्दील किया जाएगा. राज्य के 13 संवेदनशील जिलों (SRE जिलों) से दोदो टीमें और अन्य 11 जिलों से एक-एक टीम लेकर कुल 37 सैट टीमों को क्राइम टास्क फोर्स बनाया जाएगा. इसके अलावा, विभिन्न वाहिनियों से कुल 36 नई सैट टीमों का गठन किया जाना है, जिससे कुल संख्या 73 होगी.
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समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
– इस पूरी पुनर्गठन प्रक्रिया और समीक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है.
– अध्यक्ष: डीआईजी, इंद्रजीत महथा
– सदस्य: डीआईजी, कार्तिक एस
– सदस्य: डीआईजी, अनुरंजन किस्पोट्टा
– यह समिति संबंधित क्षेत्रों के डीआईजी से समन्वय स्थापित कर अपनी समीक्षा रिपोर्ट जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी.
