Education Desk : आज जब देश का बजट पेश होता है तो टैक्स, महंगाई, योजनाओं और सरकारी खर्चों पर पूरे देश की नजर रहती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज़ाद भारत का पहला बजट किसने पेश किया था और उस समय देश के पहले वित्त मंत्री को कितनी सैलरी मिलती थी? भारत के पहले वित्त मंत्री थे आर.के. शन्मुखम चेट्टियार, उन्होंने 26 नवंबर 1947 को संसद में आज़ाद भारत का पहला बजट पेश किया था, उस दौर में उन्हें 45 रुपये प्रतिदिन वेतन मिलता था.
तमिलनाडु से दिल्ली तक का सफर

आर.के. शन्मुखम चेट्टियार का जन्म 17 अक्टूबर 1892 को कोयंबटूर में हुआ था. उनका परिवार व्यापार से जुड़ा था और कई मिलों का मालिक था, शुरुआती शिक्षा कोयंबटूर में पूरी करने के बाद उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और फिर कानून की डिग्री हासिल की, उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जस्टिस पार्टी से की, साल 1917 में वे कोयंबटूर नगर पालिका के काउंसलर बने और बाद में उपाध्यक्ष भी रहे, नगर प्रशासन में किए गए सुधारों से उनकी अलग पहचान बनी.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज
चेट्टियार ने केवल देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया, उन्होंने जिनेवा में अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन और कनाडा के ओटावा में आयोजित इम्पीरियल इकोनॉमिक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया, इससे उनकी छवि एक मजबूत अर्थशास्त्री और कुशल प्रशासक के रूप में बनी.
केंद्रीय विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे
1930 के दशक में वे केंद्रीय विधान सभा के उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष बने। उनकी शांत और संतुलित कार्यशैली की काफी तारीफ होती थी, बाद में वे कोचीन रियासत के दीवान भी बने और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाने गए.
नेहरू ने क्यों सौंपा वित्त मंत्रालय?
देश की आज़ादी के बाद जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें देश का पहला वित्त मंत्री नियुक्त किया, उस समय यह फैसला काफी चर्चा में रहा, क्योंकि माना जाता था कि चेट्टियार के विचार अंग्रेजों के प्रति नरम थे. बावजूद इसके, उनकी आर्थिक समझ और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई.
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