वेल्स ग्राउंड विवाद:विधायक प्रदीप प्रसाद की नाराजगी पर सांसद मनीष जायसवाल का पलटवार

Hazaribagh:शहर के ऐतिहासिक वेल्स ग्राउंड में टाटा स्टील और हजारीबाग जिला क्रिकेट संघ के बीच आयोजित क्रिकेट मैच के दौरान सदर विधायक...

Hazaribagh:शहर के ऐतिहासिक वेल्स ग्राउंड में टाटा स्टील और हजारीबाग जिला क्रिकेट संघ के बीच आयोजित क्रिकेट मैच के दौरान सदर विधायक प्रदीप प्रसाद की नाराजगी का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है. इस पूरे विवाद पर अब दूसरे पक्ष यानी हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल और एचडीसीए के सचिव बंटी तिवारी की भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. दोनों ने विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए खेल भावना का हवाला दिया है.

खेल के मैदान पर ऐसा रोष दिखाना गलत: सांसद

सांसद मनीष जायसवाल ने विधायक प्रदीप प्रसाद की नाराजगी पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि विधायक किस बात पर नाराज हुए. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन में रोष प्रकट करने का कोई विशेष मतलब नहीं बनता. क्रिकेट संगठन समय-समय पर खेल को बढ़ावा देने के लिए ऐसे मैच आयोजित करता रहता है. इससे पहले बीसीसीआई  का अंडर-19 मैच भी यहां सफलतापूर्वक कराया जा चुका है. सांसद ने तंज कसते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा, “यदि किसी को कोई आपत्ति थी, तो उसे संगठन के सामने रखना चाहिए था. जो वास्तविक स्पोर्ट्समैन होगा, वह मैच के दौरान इस तरह का व्यवहार कभी नहीं करेगा.”

व्हाट्सएप ग्रुप से दिया गया था आमंत्रण: सचिव

वहीं दूसरी ओर, हजारीबाग जिला क्रिकेट संघ के सचिव बंटी तिवारी ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि क्रिकेट संघ की ओर से इस बार किसी भी जनप्रतिनिधि या सदस्य को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण पत्र देने की व्यवस्था नहीं की गई थी. उन्होंने बताया कि एचडीसीए का एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप है, जिसके माध्यम से सभी सदस्यों और जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम की सूचना और आमंत्रण भेजा गया था. सचिव ने कहा कि यह कोई बड़ा आधिकारिक टूर्नामेंट नहीं था, बल्कि स्थानीय स्तर पर आयोजित एक फ्रेंडली मैच था, इसलिए किसी को अलग से वीआईपी आमंत्रण नहीं भेजा गया.

क्या था पूरा मामला और विधायक के आरोप?

गौरतलब है कि रविवार को सदर विधायक प्रदीप प्रसाद वेल्स ग्राउंड पहुंचे थे, जहां वे आयोजन समिति पर बुरी तरह बिफर पड़े. विधायक का गंभीर आरोप था कि हर खेल आयोजन के पोस्टर और बैनर में उनका नाम तो प्रमुखता से छाप दिया जाता है, लेकिन उन्हें कभी आधिकारिक तौर पर निमंत्रण या सूचना नहीं दी जाती. उन्होंने एचडीसीए की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वेल्स ग्राउंड किसी व्यक्ति विशेष की जागीर नहीं है, बल्कि हजारीबाग की जनता की संपत्ति है और हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को यहां खेलने का बराबर अवसर मिलना चाहिए.

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