Ramgarh: श्रीराम पावर प्लांट लिमिटेड फैक्ट्री में रविवार को एक भीषण हादसा हो गया. फैक्ट्री परिसर में अचानक फर्नेस (भट्ठी) ब्लास्ट होने से वहां काम कर रहे नौ से अधिक मजदूर बुरी तरह झुलस गए और गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रबंधन ने आनन-फानन में अपने निजी वाहनों के जरिए सभी घायलों को इलाज के लिए रामगढ़ के होप हॉस्पिटल पहुंचाया
घायलों में बिहार और झारखंड के मजदूर शामिल हादसे में घायल हुए मजदूरों में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार के भी श्रमिक शामिल हैं.

घायलों की पहचान इस प्रकार की गई है
– राजेंद्र महतो (हजारीबाग)

– कुंजीलाल रविदास (अराकांटा, रामगढ़)

– धनंजय सिंह (पटना, बिहार)
– परमेश्वर कुमार महतो (नवाटार, रामगढ़)
– संजय प्रसाद (रांची रोड, रामगढ़)
– विजय यादव (दरभंगा, बिहार)
– राजेंद्र महतो (चटाक, रामगढ़)
– रितेश राणा (शिवपुरी, हजारीबाग)
– रमेश ठाकुर (नईसराय, रामगढ़)
दो की हालत चिंताजनक, रांची रेफर
होप हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार ने बताया कि श्रीराम पावर प्लांट से नौ घायलों को अस्पताल लाया गया है. प्राथमिक उपचार के बाद दो मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी, जिन्हें बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया गया है. अन्य घायलों का इलाज रामगढ़ में ही चल रहा है।
अस्पताल परिसर में परिजनों का हंगामा, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन बदहवास होकर होप हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उनका गुस्सा फूट पड़ा. परिजनों और साथी मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और हादसे के लिए सीधे तौर पर फैक्ट्री प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. मजदूरों का आरोप है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है और मजदूरों की जान जोखिम में डालकर काम कराया जाता है. स्थानीय लोगों और श्रमिकों के अनुसार, इस प्लांट में सुरक्षा में लापरवाही के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं, जिनमें मजदूरों की जान तक जा चुकी है। घटना के बाद से ही परिजनों में भारी आक्रोश है और वे प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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