रांची : गैंगस्टर अमन साव एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई से करने को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई दरअसल इस पूरे मामले पर झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत प्रसाद नारायण एवं न्यायाधीश अरुण राय की खंडपीठ कर रही है आज इस मामले को न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश दीपक रोशन की खंडपीठ में सूचीबद्ध किया गया इसके बाद राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने कहा कि इस मामले को दूसरे बेंच द्वारा सुना जा चुका है ऐसे में फिर से दलीलें पेश करनी होगी, ऐसे में मामले को पूर्व के ही बेंच में सुना जाए इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने सहमति जताई उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत से उम्मीद है कि इस संबंध में न्याय संगत निर्णय देगी ऐसे में किसी भी खंडपीठ से यह उम्मीद रखते हैं अदालत ने मामले को पूर्व के ही बेंच में सूचीबद्ध करने के आदेश के साथ याचिका 17 मार्च तक टाल दी, मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
याचिकर्ता का आरोप महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं प्रभावित
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार इस मामले की सुनवाई में जान-बूझकर देरी कर रही है, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं. उदाहरण के तौर पर कॉल रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी सीमित समय में ही मोबाइल कंपनियों से प्राप्त की जा सकती है, लेकिन देर होने से ऐसे प्रमाण नष्ट हो सकते हैं.

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‘साजिश के तहतरास्ते में मार दिया गया’
अमन की मां किरण देवी ने याचिका में आरोप लगाया है कि 11 मार्च को पलामू में उनके बेटे का पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर कर दिया. उन्होंने कहा है कि उनके बेटे को रायपुर सेंट्रल जेल से रांची स्थित एनआईए कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था, लेकिन बीच रास्ते में साजिश के तहत उसे मार दिया गया. याचिका में बताया गया है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में अमन को 75 पुलिसकर्मियों की टीम के साथ चाईबासा जेल से रायपुर स्थानांतरित किया गया था, लेकिन रायपुर से रांची लाने के दौरान केवल 12 सदस्यीय एटीएस टीम तैनात थी.
सीबीआई से निष्पक्ष जांच की की है मांग
किरण देवी का कहना है कि उन्हें पहले से आशंका थी कि पुलिस उनके बेटे की हत्या की साजिश कर रही है और बाद में उसे एनकाउंटर का नाम दे देगी इस मामले में याचिकाकर्ता ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, सीबीआई निदेशक, झारखंड गृह सचिव, डीजीपी, एसएसपी रांची और एटीएस के अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया है और सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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