Giridih : जिला डीसी DC रामनिवास यादव की अचानक की गई छापेमारी ने अरतोका में लंबे समय से चल रहे अवैध पत्थर खनन के बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया. इस कार्रवाई के बाद बेंगाबाद थाना में खनन निरीक्षक विश्वनाथ उरांव के आवेदन पर अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुट गई है. प्राथमिकी में कोडरमा जिले के नवलशाही निवासी अनिल साव और अरतोका निवासी मो. हलीम मियां, कादिर मियां, इस्माइल मियां और नसीरुद्दीन मियां सहित अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. इन पर बिना वैध खनन पट्टा के बड़े पैमाने पर पत्थर का अवैध उत्खनन, परिवहन, सरकारी राजस्व की चोरी और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है. वहीं मौके से जब्त की गई पोकलेन मशीन के वास्तविक मालिक की भी पहचान की जा रही है.
2022 में खत्म हो गया था पट्टा, फिर चल रहा था अवैध खनन
जांच में सामने आया है कि ओझाडीह पंचायत के अरतोका स्थित पत्थर खदान का खनन पट्टा पूर्व में इन्द्रजीत कुमार के नाम से था. वर्ष 2022 में पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद उन्होंने लिखित रूप से सरकार को खदान वापस लेने का आवेदन दे दिया था. इसके बाद कानूनी रूप से यहां खनन पूरी तरह बंद हो जाना चाहिए था. लेकिन इसके बाद भी जंगल के बीच इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खनन चलता रहा. आरोप है कि आसपास संचालित क्रशरों का फायदा उठाकर पत्थर माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से दोबारा अवैध खनन शुरू कर दिया. इससे पहले भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, लेकिन किसी बड़े खनन माफिया तक पुलिस नहीं पहुंच सकी थी.
DC ने बिना सूचना दिए मारा छापा, मौके पर मची अफरा-तफरी
हाल के दिनों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डीसी DC रामनिवास यादव ने इस बार गोपनीय रणनीति अपनाई. बताया जा रहा है कि उन्होंने खनन विभाग को भी पहले से सूचना नहीं दी और सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जंगल स्थित खदान पर पहुंच गए. छापेमारी के दौरान मौके पर भारी पैमाने पर अवैध उत्खनन के प्रमाण मिले. प्रशासन ने तत्काल एक पोकलेन मशीन सहित अन्य उपकरण जब्त कर लिया. इसके बाद खनन निरीक्षक विश्वनाथ उरांव को मौके पर बुलाकर प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिया गया.
जंगल के बीच में मिला ट्रांसफार्मर, DC ने जतायी नाराजगी
छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा सवाल उस ट्रांसफार्मर को लेकर खड़ा हुआ जो जंगल के बीच अवैध खनन स्थल पर लगा मिला. डीसी DC ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए ट्रांसफार्मर को हटाकर किसी जरूरतमंद गांव में लगाने का निर्देश दिया. अब राजनीतिक दलों के नेताओं और स्थानीय लोगों ने भी बिजली विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए है.
बढ़ाया जायेगा जांच का दायरा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े थे और किन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही या मिलीभगत के कारण वर्षों तक सरकारी जमीन से पत्थर का अवैध दोहन होता रहा.

पुलिस ने क्या कहा
बेंगाबाद थाना प्रभारी अमन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है. जब्त पोकलेन मशीन के मालिक की पहचान की जा रही है और अवैध खनन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ALSO READ : झारखंड कैडर के IPS बने पुलिस अकादमी के ज्वाइंट डायरेक्टर, गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर लगी ACC की मुहर
