Giridih : जिला के तिसरी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय जगरणत्था में बच्चों की फर्जी अटेंडेंस बनाने का मामला सामने आया है. बीआरपी के औचक निरीक्षण से ये मामला सामने आया है. ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में रजिस्टर और मौके पर मौजूद बच्चों की संख्या में भारी अंतर मिला. दरअसल, बीआरपी मृत्युंजय कुमार ने मध्य विद्यालय जगरणत्था का औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे. निरीक्षण के दौरान स्कूल के रजिस्टर में 22 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई थी. लेकिन जब बीआरपी ने कक्षाओं में जाकर गिनती की तो वहां सिर्फ 11 बच्चे ही मौजूद मिले. ग्रामीणों की शिकायत पर जब मीडिया की टीम ने स्कूल पहुंचकर जांच की तो हालात और खराब दिखे. कक्षाओं में सिर्फ 5 बच्चे ही मौजूद थे. इसके अलावा कुछ अन्य नौनिहाल जिनका विद्यालय में नामांकन नहीं था. वह भी मौजूद थे.
50 बच्चों का नामाकंन है
बीआरपी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि विद्यालय में कुल 50 बच्चों का नामांकन है. निरीक्षण के वक्त दोनों शिक्षक स्कूल में मौजूद थे और मध्याह्न भोजन भी तैयार हो रहा था. लेकिन उपस्थिति पंजी और वास्तविक छात्र संख्या में बड़ा फर्क पाया गया.

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
स्कूल की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय सचिव और शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की लापरवाही से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल में सरकारी शिक्षक होने के बावजूद भी न तो ढंग से पढ़ाई होती है और न ही शिक्षक समय पर आते हैं. अक्सर एक शिक्षक मौजूद रहता है तो दूसरा नदारद मिलता है. दोनों शिक्षकों का एक साथ स्कूल में होना बहुत कम देखने को मिलता है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों शिक्षक अक्सर निजी काम से स्कूल से गायब हो जाते हैं.
आगे क्या होगी कार्रवाई
बीआरपी मृत्युंजय कुमार ने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही है. उपस्थिति पंजी और वास्तविक उपस्थिति में अंतर का मामला गंभीर है. इस संबंध में आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
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