Hazaribagh: जिले के एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही का मामला सामने आया है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि उंगली में मामूली चोट के इलाज के दौरान संक्रमण बढ़ने से छात्र की उंगली काटनी पड़ी. परिजनों ने मामले में डॉक्टर और नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इन आरोपों पर संबंधित डॉक्टर या अस्पताल का पक्ष सामने नहीं आया है. परिजनों के अनुसार, छात्र को क्रिकेट खेलते समय बाएं हाथ की छोटी उंगली में चोट लगी थी. प्राथमिक उपचार के बाद उसे एक निजी ऑर्थोपेडिक चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां ऑपरेशन की सलाह दी गई. परिवार का कहना है कि छात्र भारतीय नौसेना में अग्निवीर भर्ती की लिखित और शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका था और मेडिकल परीक्षा बाकी थी.

ऑपरेशन और इलाज पर उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद दर्द और सूजन बढ़ती रही, लेकिन इसे सामान्य बताकर मरीज को वापस भेज दिया गया. बाद में उंगली में गंभीर संक्रमण हो गया. पीड़ित परिवार के अनुसार, हालत बिगड़ने पर छात्र को रांची ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि संक्रमण हड्डी तक फैल चुका है. संक्रमण रोकने के लिए छात्र की प्रभावित उंगली काटनी पड़ी.

न्याय और कार्रवाई की मांग
परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज से जुड़े दस्तावेज भी उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए. उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और संबंधित डॉक्टर का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है. मामले में लगाए गए आरोप एकतरफा हैं. समाचार लिखे जाने तक संबंधित डॉक्टर या नर्सिंग होम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.
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