Gumla: जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-143 की जर्जर स्थिति लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतों और विरोध के बावजूद जिम्मेदार विभाग समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है. बता दें, रायडीह प्रखंड से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-143 झारखंड को छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. बावजूद इसके कई स्थानों पर सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से तालाब जैसी स्थिति बन जाती है. इससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

लगातार हो रहे हादसे, लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. कई जगह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश झा ने कहा कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है.
मरम्मत की मांग, आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन पहले से संचालित सड़कों की मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता. लोगों का कहना है कि गुमला जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र से गुजरने वाले इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की अनदेखी की जा रही है. ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा. उनका कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत होने से हादसों पर रोक लगेगी और हजारों लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.

