हजारीबाग: सुल्ताना मदरसा में नौ बच्चों की दस्तारबंदी, हाफिज-ए-कुरआन बनने पर भव्य जलसे का आयोजन

Hazaribagh : कटकमदाग प्रखंड के सुल्ताना गांव स्थित दारुल उलूम अहले सुन्नत फैज़ुल रसूल मदरसा में नौ बच्चों के हाफिज-ए-कुरआन बनने की...

Hazaribagh : कटकमदाग प्रखंड के सुल्ताना गांव स्थित दारुल उलूम अहले सुन्नत फैज़ुल रसूल मदरसा में नौ बच्चों के हाफिज-ए-कुरआन बनने की खुशी में भव्य जलसा और दस्तारबंदी समारोह का आयोजन किया गया. इस धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. समारोह में पीरो-मुर्शीद औलाद-ए-गौस-ए-आजम हजरत सैयद गुलजार मिल्लत विशेष रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने हाफिज-ए-कुरआन बनने वाले सभी बच्चों को पगड़ी पहनाकर दस्तारबंदी की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की.

समारोह के अंत में देश और समाज की खुशहाली

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए उलेमा-ए-किराम और धार्मिक विद्वानों ने कुरआन की शिक्षा, नैतिक मूल्यों और समाज में धार्मिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला. वक्ताओं ने कहा कि बच्चों का कम उम्र में कुरआन हिफ्ज करना पूरे समाज और परिवार के लिए गर्व की बात है. इस अवसर पर मदरसा कमेटी के सचिव मोहम्मद मुमताज, अध्यक्ष मोहम्मद अनवर, नायब सदर मोहम्मद आरिफ, सचिव मोहम्मद शमसुद्दीन, मदरसा प्रिंसिपल हाफिज गुलाम जैनुल आबेदीन, हाफिज कारी ज्यारुल हक नूरी, खलीक सर, मुखिया प्रतिनिधि अख्तर नूरी, हाफिज अख्तर साहब सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में करीब 10 हजार लोगों ने शिरकत की और जलसे को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक माहौल बना रहा और लोगों ने बच्चों की सफलता पर खुशी जाहिर की. समारोह के अंत में देश और समाज की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई. यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक शिक्षा और सामाजिक एकता का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया.

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