Hazaribagh: जिले में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण -2026 कार्य में कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त हेमंत सती ने समाहरणालय सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान काम में ढिलाई और लापरवाही बरतने वाले सभी संबंधित बीएलओ सुपरवाइजरों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का कड़ा निर्देश जारी किया है. बैठक में उपायुक्त ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन और वितरण की सुस्त चाल पर भड़के DC
समाहरणालय सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मांडू विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव, हजारीबाग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के ईआरओ आदित्य पांडेय और उप निर्वाचन पदाधिकारी वेदवंती कुमारी मुख्य रूप से उपस्थित थीं. बैठक के दौरान उपायुक्त ने एक-एक कर गणना प्रपत्रों के वितरण, उनके संग्रहण, डेटा के डिजिटाइजेशन और एएसडीडी सूची की अद्यतन स्थिति की बेहद बारीकी से समीक्षा की. समीक्षा के दौरान जब कुछ क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई और कई बीएलओ सुपरवाइजर बैठक से नदारद दिखे, तो उपायुक्त का पारा चढ़ गया और उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए लापरवाह सुपरवाइजरों को सीधे रडार पर ले लिया.

9 जुलाई तक का अल्टीमेटम: अन्य सभी काम स्थगित रखने का हुक्म
उपायुक्त हेमंत सती ने उपस्थित अधिकारियों और सुपरवाइजरों को याद दिलाया कि 30 जून से शुरू हुआ यह अभियान आगामी 29 जुलाई 2026 तक चलना है, जिसके तहत बीएलओ को घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण करना है. चूंकि यह पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण धुरी है, इसलिए इसमें जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त के बाहर है. उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को दोटूक निर्देश दिया कि वे फिलहाल अपने अन्य सभी विभागीय या गैर-विभागीय कार्यों को स्थगित रख दें और केवल विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को ही अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें.इसके साथ ही उन्होंने आगामी 9 जुलाई तक हर हाल में शत-प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण सुनिश्चित करने का आखिरी अल्टीमेटम दिया है.
समय-सीमा में काम पूरा करने का निर्देश, लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई
बैठक के समापन पर उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि पूरे राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण का यह अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान संचालित किया जा रहा है. एक पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना हम सभी का साझा और संवैधानिक कर्तव्य है. इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी और गंभीरता के साथ धरातल पर उतरकर काम करना होगा. उन्होंने कड़े लहजे में हिदायत दी कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही सभी तय लक्ष्यों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी तरह सफलतापूर्वक संपन्न हो सके. इस कार्रवाई के बाद से निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है.


