Ranchi: झारखंड में मानसून तो सक्रिय है, पर अब भी राज्य में औसत से 34 फीसदी कम बारिश हुई है. राज्य के अधिकांश जिले अब तक अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं. आसमान में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन वे बरसने में कंजूसी कर रहे हैं. मानसून की इस बेरुखी ने न केवल आम जनजीवन, बल्कि कृषि कार्य में जुटे किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी है. खेतों में बुवाई का समय धीरे-धीरे हाथ से निकलता जा रहा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के लगभग सभी जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. राज्य का औसत वर्षापात 174.2 मिलीमीटर दर्ज किया गया है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 265 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी.
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सबसे खराब स्थिति वाले जिले
• गोड्डा: यहां सबसे कम बारिश हुई है. गोड्डा में मात्र 52.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य (239.8 मिलीमीटर) से 78 प्रतिशत कम है.
• गढ़वा: मानसून की मार झेल रहे गढ़वा में 56.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 197.1 मिलीमीटर है. यह 72 प्रतिशत की भारी कमी को दर्शाता है.
• चतरा: यहां बारिश सामान्य से 68 प्रतिशत कम होकर 75.3 मिलीमीटर पर सिमट गई है.
• पाकुड़: यहां 65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. यहां अब तक केवल 112.9 मिलीमीटर बारिश हुई है.
• कोडरमा: कोडरमा में सामान्य से 62 प्रतिशत कम यानी महज 90.2 मिलीमीटर बारिश हुई है.
मध्यम से कम बारिश वाले जिले
• देवघर और लोहरदगा: इन दोनों जिलों में बारिश की कमी का आंकड़ा 50 से 52 प्रतिशत के बीच है.
• पूर्वी सिंहभूम, पलामू, खूंटी और हजारीबाग: इन जिलों में बारिश की कमी 40 से 48 प्रतिशत के दायरे में है.
• बोकारो, जामताड़ा, लातेहार, साहिबगंज और गिरिडीह: यहां मानसून की कमी 35 से 37 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई है.
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थोड़ी राहत, पर स्थिति अब भी चिंताजनक
• रांची: राजधानी रांची में मानसून की स्थिति सबसे बेहतर है. यहां 259.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य (273.2 मिलीमीटर) से मात्र 5 प्रतिशत कम है.
• सिमडेगा: सिमडेगा में 302.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 7 प्रतिशत कम है.
• पूर्वी सिंहभूम: यहां भी बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब है, हालांकि कमी 14 प्रतिशत तक है.
• पश्चिमी सिंहभूम: यहां 20 प्रतिशत की कमी के साथ स्थिति नियंत्रित दिख रही है.


