हजारीबाग : जिला परिषद में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, दो साल से जमे प्रभारी जिला अभियंता को हटाया गया

Hazaribagh : जिला परिषद हजारीबाग में लंबे समय से चर्चा का विषय बने प्रभारी जिला अभियंता पद पर आखिरकार बदलाव कर दिया...

Hazaribagh : जिला परिषद हजारीबाग में लंबे समय से चर्चा का विषय बने प्रभारी जिला अभियंता पद पर आखिरकार बदलाव कर दिया गया है. पिछले करीब दो वर्षों से जिला परिषद के प्रभारी जिला अभियंता के रूप में कार्यरत सहायक अभियंता आशीष आनंद को पद से हटा दिया गया है. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव स्तर से जारी आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई है. उनकी जगह विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश चौधरी को जिला परिषद के जिला अभियंता का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

अप्रैल 2024 से संभाल रहे थे जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार अप्रैल 2024 में तत्कालीन जिला अभियंता सीबी सिंह के आकस्मिक निधन के बाद जिला परिषद में जिला अभियंता का पद रिक्त हो गया था. इसके बाद DRDA में पदस्थापित सहायक अभियंता आशीष आनंद को जिला अभियंता का प्रभार दिया गया था. तब से वे लगातार इस पद पर कार्यरत थे. सूत्रों का कहना है कि जिला परिषद में जिला अभियंता का पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि जिले भर में संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और तकनीकी स्वीकृतियों की निगरानी इसी पद के माध्यम से होती है. ऐसे में लंबे समय तक एक सहायक अभियंता द्वारा इस पद का प्रभार संभालना चर्चा और सवालों का विषय बना हुआ था.

विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को मिला प्रभार

नए आदेश के तहत विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश चौधरी को जिला परिषद हजारीबाग का प्रभार सौंपा गया है. बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल ही में विशेष प्रमंडल में योगदान दिया था और अब उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है. विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने जिला परिषदों में जिला अभियंता के प्रभार को लेकर नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत यह जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंता स्तर के अधिकारियों को देने का निर्णय लिया गया है. इसी के तहत यह बदलाव किया गया है.

जिला परिषद में अभियंत्रण व्यवस्था को लेकर उठते रहे सवाल

पिछले कुछ वर्षों में जिला परिषद के माध्यम से संचालित विभिन्न निर्माण योजनाओं, सड़क, भवन, तालाब और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में अनुभवी कार्यपालक अभियंता को जिम्मेदारी दिए जाने को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लोगो का मानना है कि कार्यपालक अभियंता स्तर का अधिकारी होने से योजनाओं की तकनीकी जांच, गुणवत्ता नियंत्रण और कार्य निष्पादन में अधिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी.

मूल विभाग में लौटेंगे आशीष आनंद

आदेश के बाद आशीष आनंद अब अपने मूल पद और विभाग सहायक अभियंता, DRDA में वापस लौटेंगे. करीब दो वर्षों तक जिला अभियंता का प्रभार संभालने के बाद उनकी वापसी को जिला परिषद के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा

जिला परिषद में हुए इस बदलाव की चर्चा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों हलकों में शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि सरकार जिला परिषदों की तकनीकी व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठा रही है. आने वाले दिनों में इसका असर जिला परिषद के विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी देखने को मिल सकता है.

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