Hazaribagh : मानसून की दस्तक के साथ ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम पूरी तरह सतर्क हो गया है. तेज बारिश और आंधी-तूफान के दौरान जर्जर और सूखे पेड़ों के गिरने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त रूप से एक व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है. आगामी सोमवार से वन विभाग द्वारा नियुक्त कर्मी नीतिश कुमार और उनकी टीम शहर के विभिन्न इलाकों, मुख्य सड़कों और प्रमुख चौराहों का निरीक्षण करेगी. इस दौरान खतरनाक, सूखे और कमजोर पेड़ों की पहचान कर उन्हें चिह्नित किया जाएगा.
महापौर ने लिखा पत्र, स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
महापौर अरविंद कुमार राणा ने वन प्रमंडल पदाधिकारी (पश्चिमी, हजारीबाग) को पत्र (पत्रांक-43/M/NN/06-26, दिनांक 19 जून 2026) भेजकर नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर सूखे पेड़ खड़े हैं, जो आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं. स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी के कारण नगर निगम को इन पेड़ों को हटाने में तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. नगर निगम पहले ही प्रथम चरण में कई संवेदनशील क्षेत्रों से जर्जर पेड़ों की छंटाई और कटाई कर चुका है. इसके बावजूद कई खतरनाक पेड़ अभी भी शहर में मौजूद हैं, जो तेज बारिश या आंधी में गिरकर बड़ा हादसा कर सकते हैं. अब दूसरे चरण में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ऐसे सभी पेड़ों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी.
जनता से सहयोग की अपील
महापौर ने नागरिकों, वार्ड पार्षदों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें. यदि किसी भी क्षेत्र में सूखा, खोखला या गिरने की स्थिति में पेड़ दिखाई दे तो तुरंत नगर निगम को सूचना दें. उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही ऐसे संभावित हादसों को रोका जा सकता है और शहर को सुरक्षित बनाया जा सकता है.


