Hazaribagh : शहर के सबसे व्यस्त और पॉश इलाके आनंदा चौक और नगर भवन के समीप स्थित नगर निगम मार्केट (नगरपालिका मार्केट) वर्तमान में अपनी दुर्दशा पर आंसू रो रहा है। लगभग 25 वर्षों पुराने इस दो मंजिला मार्केट की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जर्जर भवन के साथ-साथ अब यहाँ व्याप्त गंदगी और कचरे का अंबार दुकानदारों और ग्राहकों के लिए सिरदर्द बन गया है.
जर्जर छत से गिर रहे पत्थर, बना रहता है हादसे का डर

मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि पिछले 25 वर्षों में नगर निगम ने एक बार भी इसकी मरम्मत (रिपेयर) नहीं कराई है, बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है जब छत से पत्थर भरभरा कर गिरने लगते हैं, करीब 60 से 70 दुकानों वाले इस परिसर में दुकानदार अपनी जान जोखिम में डालकर व्यापार करने को मजबूर हैं.
व्यावसायिक कचरे का ‘डंपिंग यार्ड’ बना मार्केट
मार्केट की एक बड़ी समस्या इसके मुख्य द्वार और परिसर में फैला कचरा है, स्थानीय लोगों के अनुसार, मार्केट के सामने स्थित कई निजी अस्पताल, दवा दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपना सारा कचरा इसी मार्केट के गेट और खाली जगहों पर फेंक देते हैं, समुचित कचरा निष्पादन व्यवस्था न होने के कारण यहाँ हर वक्त दुर्गंध फैली रहती है, जिससे गंभीर बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है.
सुविधाओं का अभाव और नगर निगम की अनदेखी
मार्केट परिसर में सुलभ शौचालय का भी घोर अभाव है, जिससे गंदगी और भी अनियंत्रित तरीके से फैली रहती है, मार्केट यूनियन के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर निगम के अधिकारियों से रिपेयरिंग और साफ-सफाई की गुहार लगाई है, लेकिन आज तक इस पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया.
दुकानदारों की मांग
दुकानदारों ने नगर निगम के अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि मार्केट भवन की अविलंब मरम्मत कराई जाए, बाहरी व्यावसायिक संस्थानों द्वारा फेंके जा रहे कचरे पर रोक लगे और कचरा निष्पादन की समुचित व्यवस्था हो, परिसर में साफ-सफाई और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त की जाए.
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