हजारीबाग: सावन के पारंपरिक गीतों पर महिलाओं ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, बच्चों ने भी दिखाई प्रतिभा

Hazaribagh: अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की दारू चित्रांश महिला समिति के तत्वावधान में सावन महोत्सव का भव्य आयोजन हर्षोल्लास एवं उमंग के...

Hazaribagh: Women gave captivating performances set to traditional Sawan songs; children also showcased their talent.

Hazaribagh: अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की दारू चित्रांश महिला समिति के तत्वावधान में सावन महोत्सव का भव्य आयोजन हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ किया गया. सावन की हरियाली, भारतीय संस्कृति और पारंपरिक लोक परंपराओं को समर्पित इस आयोजन में महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरा माहौल सावनमय हो गया. कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों से हुई. बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपस्थित महिलाओं एवं अतिथियों का मन मोह लिया.

सावन के पारंपरिक उत्सव को आधुनिक मनोरंजन के साथ जोड़ा

उनकी आकर्षक प्रस्तुतियों पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा. इसके बाद चित्रांश महिलाओं ने सावन के पारंपरिक गीतों सहित विभिन्न मनमोहक गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. सावन महोत्सव में हजारीबाग जिले से अखिल भारतीय कायस्थ महासभा महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष अर्चना सिन्हा, जिला महामंत्री रश्मि लाला, जिला उपाध्यक्ष सरिता सिन्हा एवं जिला संगठन मंत्री निक्की सिन्हा सहित कई चित्रांश महिलाएं शामिल हुईं. जिले से पहुंचीं महिलाओं ने दारू चित्रांश महिला समिति की सदस्यों के साथ मिलकर कार्यक्रम का आनंद लिया तथा गीत-संगीत और नृत्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया. महिलाओं ने सावन के पारंपरिक उत्सव को आधुनिक मनोरंजन के साथ जोड़ते हुए एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं. सावन के गीतों पर महिलाओं की सामूहिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं. पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं एवं बच्चों में विशेष उत्साह और उल्लास देखने को मिला.

सामाजिक एकता को मजबूत करना है ऐसे आयोजनों का उद्देश्य

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा दारू उपसमिति की अध्यक्ष मंजू सहाय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य महिलाओं को एक मंच पर लाकर आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता को मजबूत करना है. भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक पर्व-त्योहारों की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी इस तरह के आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है. बच्चों को कार्यक्रम में शामिल करने से उन्हें अपनी कला और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है तथा उनमें हमारी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जुड़ाव भी बढ़ता है. उन्होंने कहा कि सावन महोत्सव जैसे आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज में आपसी मेल-जोल, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने का भी कार्य करते हैं.

कार्यक्रम में कई लोग रहें मौजूद

कार्यक्रम में जिला से आए पदाधिकारियों के अलावा दारू उपसमिति की जिला उपाध्यक्ष सुषमा सिन्हा, जिला सांस्कृतिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष संध्या रश्मि, सचिव आरती सिन्हा, कोषाध्यक्ष रंजू बाला सिन्हा, संगठन मंत्री गीता देवी सहित रतन देवी, रीता देवी, सावित्री देवी, रेनू सिन्हा, मीरा सिन्हा, बिणा सिन्हा, प्रीति सिन्हा, अंजू सिन्हा, रंजू सिन्हा, अल्पना सिन्हा, सोनी सिन्हा, सविता सिन्हा, पूजा सिन्हा, बबिता सिन्हा, ब्राह्मणी नमन, राखी सिन्हा, स्मिता सिन्हा, निधि सिन्हा, नूतन सिन्हा, एकता सिन्हा, रीना सिन्हा, सुनीता सिन्हा, श्वेता सिन्हा, मधु सिन्हा, रंजू सिन्हा सहित बड़ी संख्या में चित्रांश महिलाएं उपस्थित थीं. कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, महिलाओं एवं बच्चों के प्रति आभार व्यक्त किया गया. गीत-संगीत, नृत्य, उमंग और आपसी सौहार्द से भरपूर सावन महोत्सव यादगार बन गया.

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