रांची: अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से संबंधित दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश संजय प्रसाद की खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए, रांची जिला अनुकंपा नियुक्ति समिति के अध्यक्ष सह उपायुक्त को अवमानना नोटिस जारी किया है. साथ ही आगामी 5 मई को होने वाली अगली सुनवाई में प्रधान सचिव सह लेबर कमिश्नर और रांची उपायुक्त को तलब किया है.
6 महीने में नियुक्ति करने का दिया गया था निर्देश
दरअसल, प्रार्थी रूपेश रंजन पिता राजकुमार राम की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति को लेकर एकलपीठ ने आदेश देते हुए 6 महीने में नियुक्ति करने का निर्देश दिया था. इस आदेश को लेकर प्रधान सचिव सह लेबर कमिश्नर ने भी रांची जिला अनुकंपा नियुक्ति समिति के अध्यक्ष सह उपायुक्त को आदेश के अनुपालन का निर्देश दिया. लेकिन इसके बावजूद भी नियुक्ति नहीं हुई इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि क्या प्रधान सचिव से भी ऊपर रांची डीसी है. आदेश का अनुपालन नहीं होने पर उन पर क्या कार्रवाई हुई यह भी जानकारी मांगी गई है.
राज्य सरकार की दलील दो भाइयों के नियुक्ति को लेकर फंसा पेंच
इस पर राज्य सरकार के अधिवक्ता द्वारा या दलील दी गई, कि मामला दो भाइयों के दावे के बीच का है. जहां विभाग द्वारा बड़े भाई के आवेदन को खारिज किए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है और अभी लंबित है. विभाग ने बड़े भाई के आवेदन को उम्र सीमा का हवाला देते हुए आवेदन खारिज कर दिया है, हालांकि छोटे भाई को नियुक्ति के लिए सही माना है.
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