वकील महेश तिवारी की याचिका पर HC में सुनवाई, मेंटेनेबिलिटी पर 7 जुलाई को होगी बहस

Ranchi: हाईकोर्ट में अधिवक्ता महेश तिवारी की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें रांची सिविल कोर्ट द्वारा उनकी सजा...

"A mother's love is paramount": High Court sets aside Family Court order, grants child's custody to the mother.

Ranchi: हाईकोर्ट में अधिवक्ता महेश तिवारी की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें रांची सिविल कोर्ट द्वारा उनकी सजा पर रोक (स्टे) संबंधी अपील खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है. न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने मामले की मेंटेनेबिलिटी (याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं) पर सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तिथि निर्धारित की है. पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया था कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि याचिकाकर्ता ने सजा पर रोक संबंधी अंतरिम आवेदन (IA) खारिज किए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

सिविल कोर्ट ने सजा पर रोक की अपील की थी खारिज

इसके बाद अदालत ने महेश तिवारी को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था. दरअसल, रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने महेश तिवारी की दो वर्ष की सजा पर रोक लगाने संबंधी मिसलेनियस अपील खारिज कर दी थी. हालांकि, दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी अपील को सुनवाई के लिए अपर न्यायायुक्त कुलदीप की अदालत में भेज दिया गया था. महेश तिवारी ने दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दायर करने के साथ-साथ सजा पर रोक लगाने का भी आग्रह किया था. 

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महिला अधिवक्ता से मारपीट मामले में हुई थी सजा

गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता महेश तिवारी को रांची सिविल कोर्ट की न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने महिला अधिवक्ता ऋतु कुमार के साथ मारपीट के मामले में दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी. अब हाईकोर्ट पहले यह तय करेगा कि उनकी याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं. 7 जुलाई को इस मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई होगी. इसमें अंतिम में जोड़ देंगे कि प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा पक्ष रख रहे हैं.

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