Ranchi: चुट्टूपालू घाटी में स्टोन माइनिंग और क्रशिंग गतिविधियों से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए नाराजगी जताई. मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है. सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत रिपोर्ट में स्पष्टता नहीं होने पर नाराजगी जताई और पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक उच्चस्तरीय टीम गठित करने का निर्देश दिया. हाईकोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. अदालत ने विशेष रूप से अवैध खनन, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है. साथ ही, राज्य जांच एजेंसी (SIA) काउंसिल की रिपोर्ट पर भी अदालत ने सवाल उठाए.

उच्चस्तरीय टीम करेगी जांच
अदालत के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय टीम में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, SIA, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और खनन विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है.


21 सितंबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश
हाईकोर्ट ने टीम को क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण कर यह रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है कि क्षेत्र में कितने स्टोन माइनिंग और स्टोन क्रशिंग यूनिट संचालित हो रहे हैं, क्या उनके पास सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां हैं. साथ ही, संबंधित निगरानी एजेंसियां अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से पालन कर रही हैं या नहीं. अदालत ने जांच टीम को 21 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

