Ranchi: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई को शासन की विफलता बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की. जयराम महतो ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों पर रात के अंधेरे में लाठीचार्ज करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. जयराम महतो ने कहा कि सरकार के पास छात्रों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन सरकार ने इस गंभीर मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने लाठीचार्ज की तुलना अंग्रेजी शासन के दौर के अत्याचारों से करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.
घायलों से मिले, स्टेडियम पहुंचकर छात्रों से की बातचीत
लाठीचार्ज की घटना के बाद जयराम महतो रांची सदर अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हाल जाना. इसके बाद उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की. इस दौरान आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा करने के साथ उन्होंने छात्रों का हौसला भी बढ़ाया.
JPSC में गड़बड़ी के आरोपों पर सरकार से मांगा जवाब
जयराम महतो ने JPSC की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी और तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि एक विश्वविद्यालय के एक ही विषय के सभी 33 छात्रों के CDPO बनने का मामला भी सामने आया है. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. जयराम महतो ने कथित तौर पर पैसे की वसूली से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि जब 40 से 60 लाख रुपये की वसूली के आरोप सामने आए हैं, तो CBI जांच कराने में सरकार को परेशानी क्या है?

CBI जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग
जयराम महतो ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं. उन्होंने नियुक्ति से जुड़े कथित घोटालों की CBI जांच कराने, CGL परीक्षा रद्द करने और TDBL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को निरस्त करने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जांच हाईकोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में होनी चाहिए, ताकि घटना की निष्पक्ष जांच हो सके. जयराम महतो ने कहा कि छात्रों का संघर्ष भले ही कठिन हो, लेकिन उनके अधिकार और न्याय की मांग की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा कि संघर्ष जारी रहेगा.
