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जामताड़ा में जनता दरबार का असर, कई मामलों का मौके पर समाधान; बाकी पर कार्रवाई के निर्देश

Jamtara: आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनता...

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Jamtara: आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनता दरबार आयोजित किया गया. उपायुक्त कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित जनता दरबार में जिले के अलग-अलग इलाकों से करीब 40 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे. उपायुक्त ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए. अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई पूरी कर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. कई मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया.

बिजली और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं

जनता दरबार में बिजली बिल में गड़बड़ी, स्मार्ट मीटर और कंज्यूमर नंबर से जुड़ी शिकायतें सामने आईं. एक फरियादी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के एक कर्मी ने ऑफलाइन बिल जमा कराने के नाम पर पैसे लिए, लेकिन रसीद उपलब्ध नहीं कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने विद्युत विभाग को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया.

बुजुर्ग की शिकायत पर SDO को कार्रवाई का निर्देश

एक बुजुर्ग ने शिकायत की कि उनका बेटा उन्हें प्रताड़ित करता है. उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी से फोन पर बात की और सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही बुजुर्ग को उनका अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा.

सोशल मीडिया पर युवती को परेशान करने का मामला

जनता दरबार में एक युवती ने शिकायत की कि उसकी शादी तय हो चुकी है, लेकिन दो युवक सोशल मीडिया पर उसके बारे में गलत जानकारी प्रसारित कर उसे और उसके परिवार को परेशान कर रहे हैं. उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक को जांच कराने और संबंधित युवकों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

दिव्यांग बच्चे के प्रमाण पत्र की मिली जानकारी

एक दंपत्ति जन्म से दिव्यांग अपने बच्चे का प्रमाण पत्र बनवाने की मांग लेकर पहुंचा. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.उन्होंने बताया कि प्रत्येक महीने की 12 तारीख को सदर अस्पताल में दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए शिविर आयोजित होता है. लाभुक प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से स्वावलंबन पोर्टल पर आवेदन कर निर्धारित तिथि को शिविर में प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं.

खिलाड़ियों ने खेल सुविधाएं बढ़ाने की रखी मांग

करमाटांड़ क्षेत्र से पहुंचे खिलाड़ियों ने खेल मैदान में बिजली, पेयजल और ओपन जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी. उपायुक्त ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया और खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया.

आंगनबाड़ी चयन और स्कूलों की शिकायतों पर जांच

जनता दरबार में आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका चयन से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं. पहाड़िया बहुल गांव में चयन को लेकर मिली शिकायत पर उपायुक्त ने नियमानुसार जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. वहीं विद्यालयों में शिक्षकों की ओर से पढ़ाई में लापरवाही और मध्याह्न भोजन में अनियमितता की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना से जुड़े कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया. अधिकारियों ने बताया कि नए आवेदन के लिए पोर्टल खुलने के बाद आवेदन लिए जाएंगे.

जमीन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर भी निर्देश

हटिया शिव मंदिर के समीप लंबे समय से दुकान पर कब्जे की शिकायत पर उपायुक्त ने जांच का निर्देश दिया. इसके अलावा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, बाउंड्री निर्माण, आवास, मनरेगा मजदूरी भुगतान और रास्ते में जलजमाव जैसी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. एसडीओ कोर्ट में लंबित पशु क्रूरता अधिनियम से जुड़े मामले की भी उपायुक्त ने जानकारी ली. उन्होंने एसडीओ को नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर दो दिनों के भीतर आदेश पारित करने और पशु को रिलीज करने का निर्देश दिया.

लंबित मानदेय भुगतान पर भी संज्ञान

सहिया और स्वास्थ्य कर्मियों के लंबित मानदेय भुगतान की शिकायत पर उपायुक्त ने सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पात्र लोगों के लंबित भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.

आम लोगों को कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े

उपायुक्त आलोक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े. उन्होंने कहा कि नियमानुसार जिन मामलों का समाधान संभव है, उन्हें बिना अनावश्यक विलंब के पूरा किया जाए. उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में संवेदनशीलता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

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