NewsWave Desk : जापान – भारत में लगभग एक ट्रिलियन यानी करीब एक लाख करोड़ रूपये का निवेश करेगा. इसके साथ ही जापान भारत में अलग अलग सेक्टरों के विकास में योगदान देगा. इसकी सहमति जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची साने के भारत दौरे के दौरान हुई. जापानी प्रधानमंत्री एक जुलाई को अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर दिल्ली आयी. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची साने के बीच अहम मुद्दों को लेकर चर्चा हुई. जिसमें अलग अलग सेक्टरों में निवेश की सहमति भी बनी. हालांकि एक ट्रिलियन राशि खर्च करने लिये भारत और जापान के बीच साल 2025 से ही कई समझौते हुए है. जिसमें लगभग 120 समझौतों पर हस्ताक्षर किया गया. इस निवेश से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी यानी हरित ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के हाई-टेक सेक्टर्स में निवेश किया जायेगा.
इन राज्यों में होगा सबसे अधिक निवेश
गुजरात, हरियाणा, असम, कर्नाटक, तेलंगाना शामिल है. जहां निवेश सबसे अधिक होगा. इन राज्यों में समझौते के तहत अलग अलग सेक्टरों में कार्यों और परीक्षण को गति दी जायेगी. इस निवेश का सबसे बड़ा केंद्र गुजरात है. इतोचू कॉर्पोरेशन और एल एंड टी मिलकर कंडला पोर्ट पर 18 हजार 900 करोड़ की लागत से एक बड़ा ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट लगा रहे हैं. वहीं, टोयोटा बिदकिन क्षेत्र में एक नया प्लांट लगा रही है. जिससे हर साल एक लाख गाड़ियां बनेंगी और 2800 लोगों को रोजगार मिलेगा. गुजरात में सेमीकंडक्टर से जुड़े सामानों का उत्पादन भी शुरू हो रहा है.

हरियाणा : DAIKIN कंपनी हरियाणा में 1000 करोड़ रुपए की लागत से एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आर एंड डी फैसिलिटी बना रही है. सुमितोमो कॉर्प भी हरियाणा सरकार के साथ मिलकर 3800 करोड़ का एक व्यापक प्रोजेक्ट चला रही है.
असम : सुजूकी नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और एनईडीएफ के साथ मिलकर असम में एक बायोगैस प्लांट लगा रही है.
मेघालय : मेघालय में हाई वैल्यू-ऐडेड एग्रीकल्चर पर काम जारी है.
कर्नाटक : बैंगलुरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर जापानी कंपनी याकुमो भारत में क्वांटम टेक्नोलॉजी का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है.
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