झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पारा शिक्षकों की संविदा सेवा भी पेंशन में जोड़ी जाएगी, 8 हफ्ते में भुगतान का आदेश

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पारा शिक्षकों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि नियमित नियुक्ति से पहले पारा...

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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पारा शिक्षकों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि नियमित नियुक्ति से पहले पारा शिक्षक के रूप में दी गई संविदा सेवा को भी पेंशन योग्य सेवा माना जाएगा. न्यायाधीश दीपक रोशन की एकल पीठ ने 44 सेवानिवृत्त इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षकों की याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पारा शिक्षक के रूप में उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से सेवा की गणना कर सभी पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाएं. साथ ही, यह पूरी प्रक्रिया आदेश की प्रति प्राप्त होने के आठ सप्ताह के भीतर पूरी करने और सेवानिवृत्ति की तिथि से वास्तविक भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी निर्देश दिया.

शिक्षकों ने पहले कई वर्षों तक पारा शिक्षक के रूप में लगातार सेवा दी

कोर्ट ने कहा कि इन शिक्षकों ने पहले कई वर्षों तक पारा शिक्षक के रूप में लगातार सेवा दी और बाद में चयन प्रक्रिया के माध्यम से उसी शिक्षा विभाग में नियमित इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक बने. ऐसे में उनकी संविदा सेवा को पेंशन से बाहर रखना अनुचित और भेदभावपूर्ण होगा. अदालत ने अपने फैसले में सर्वोच्च न्यायालय के Prem Singh, Sheela Devi और S.D. Jayaprakash मामलों के निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि नियमित नियुक्ति से पूर्व की संविदा/अस्थायी सेवा भी पेंशन के लिए जोड़ी जानी चाहिए, यदि कर्मचारी बाद में नियमित सरकारी सेवा में आ गया हो. मामले में प्रार्थी का पक्ष वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार,अधिवक्ता तान्या सिंह,अधिवक्ता कुशल कुमार, अधिवक्ता अभिषेक अभि एवं अमित कुमार ने मजबूती से रखा.

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