Ranchi: जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का समर्थन मिल गया है. आज राष्ट्रीय OBC मोर्चा के विशाल प्रदर्शन के बाद आयोग अध्यक्ष जानकी यादव ने कहा कि जनगणना प्रपत्र में OBC के लिए पृथक कॉलम शामिल किया जाना पूरी तरह जायज मांग है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग इस संबंध में अपनी अनुशंसा राज्य सरकार, केंद्र सरकार और रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) को भेजेगा. धुर्वा स्थित आयोग कार्यालय के बाहर राष्ट्रीय OBC मोर्चा के हजारों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में निकली रैली पुराने विधानसभा परिसर से शुरू होकर आयोग कार्यालय पहुंची. इस दौरान कार्यकर्ता “अन्य नहीं, OBC हैं हम”, “52 प्रतिशत को अन्य कहना बंद करो” और “OBC नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारे लगाते रहे.


आयोग अध्यक्ष ने मांग को बताया न्यायसंगत
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए, जिसके बाद आयोग अध्यक्ष जानकी यादव स्वयं बाहर आए और प्रतिनिधिमंडल से 11 सूत्री मांगपत्र प्राप्त किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान जनगणना प्रपत्र में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और “अन्य” का विकल्प दिया गया है, जबकि OBC की अलग पहचान और गणना होनी चाहिए. उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण और न्यायसंगत मांग बताते हुए कहा कि आयोग इस मुद्दे को केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुंचाएगा. आयोग अध्यक्ष के साथ आयोग के सदस्य नंदकिशोर मेहता, लक्ष्मण यादव और नरेश वर्मा भी मौजूद रहे.
इन मांगों को लेकर गरजा OBC मोर्चा
ज्ञापन में प्रमुख रूप से जनगणना में OBC का अलग कॉलम जोड़ने, झारखंड के सात जिलों में OBC आरक्षण लागू करने, कई जातियों को केंद्रीय OBC सूची में शामिल करने, OBC बैकलॉग रिक्तियों को भरने तथा प्रोन्नति में आरक्षण और OBC मंत्रालय के गठन की मांग की गई है.
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15 दिनों में पहल नहीं हुई तो दिल्ली कूच की चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने उनकी मांगों का समर्थन कर दिया है. अब केंद्र सरकार को निर्णय लेना है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई तो OBC समाज आंदोलन को और तेज करेगा तथा दिल्ली कूच का ऐलान किया जाएगा. राष्ट्रीय OBC मोर्चा ने कहा कि देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले OBC समाज को जनगणना में “अन्य” श्रेणी में रखना सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है. मोर्चा ने मांग की कि आगामी जनगणना में OBC की अलग गणना सुनिश्चित कर उनकी वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए.
