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झारखंड के पहले दारोगा बैच ने मनाए सेवा के 14 गौरवशाली साल

Ranchi: झारखंड पुलिस के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाले राज्य के पहले दारोगा बैच ने अपनी सेवा के 14 वर्ष...

Ranchi: झारखंड पुलिस के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाले राज्य के पहले दारोगा बैच ने अपनी सेवा के 14 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक पड़ाव के उपलक्ष्य में रांची के बोड़िया स्थित सगुन बैंक्वेट हॉल में एक भव्य और भावुक वर्षगांठ समारोह का आयोजन किया गया. इस गौरवमयी अवसर पर रांची जिले और विभिन्न पुलिस इकाइयों में तैनात इंस्पेक्टर एवं सब-इंस्पेक्टर एक मंच पर जुटे. अधिकारियों ने जहां अपनी खट्टी-मीठी यादों और उपलब्धियों को साझा किया, वहीं अपने शहीद साथियों को याद कर पूरा माहौल भावुक हो उठा.

शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

समारोह की शुरुआत कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले वीर पुलिस अधिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता चुटिया थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पूनम कुजूर और सार्जेंट मेजर आनंद राज खलखो ने की. वहीं, मंच का कुशल संचालन डोरंडा थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद, लालपुर थाना प्रभारी रूपेश सिंह और लोअर बाजार थाना प्रभारी लव कुमार ने संयुक्त रूप से किया.

2008 में शुरू हुआ था सफर, 2012 में मिली थी कमान

झारखंड राज्य गठन के बाद, वर्ष 2008 में पहली बार ऐतिहासिक दारोगा नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई थी. तीन चरणों की बेहद कठिन परीक्षा को पार करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को हजारीबाग पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (वर्तमान में झारखंड पुलिस अकादमी) में लगभग डेढ़ वर्ष का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया. साल 2012 में इस बैच के जांबाज अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न जिलों में अपना योगदान (जॉइनिंग) दिया। पिछले 14 वर्षों से यह बैच झारखंड में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा में रीढ़ की हड्डी साबित हो रहा है.

उपलब्धियों की चमक और शहादत का दर्द

समारोह के दौरान अधिकारियों ने अपने सेवा काल के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र की सेवा उनके लिए हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. इस 14 साल के सफर में बैच के कई अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट और साहसिक कार्यों के लिए राष्ट्रपति के वीरता पदक समेत कई उच्च सम्मानों से नवाजा गया. इस सेवा काल में बैच ने अपने कई जांबाज साथियों को भी खोया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए विद्यापति सिंह और अमित तिवारी ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. इसके अलावा संतोष मिश्रा चंदन सिंह और लालजी प्रसाद यादव भी कर्तव्य की राह पर चलते हुए वीरगति को प्राप्त हुए.

समारोह में ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित

इस भव्य आयोजन में रांची के (2012 बैच) के लगभग सभी थाना प्रभारियों समेत बड़ी संख्या में इंस्पेक्टर और दारोगा शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से इंस्पेक्टर रामनारायण सिंह, कुलदीप कुमार, सुनील कुशवाहा, प्रकाश रजक, नितिन कुमार, जयदेव टोप्पो, अनिल तिवारी, कुणाल कुमार, रश्मि मिंज, संगीता कुमारी, स्वर्णलता. दारोगा तंजील खान, मीरा सिंह, संतोष रजक समेत भारी संख्या में पुलिस अधिकारी और उनके सहकर्मी उपस्थित थे.

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