Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा से जुड़े विवाद और अभ्यर्थियों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है. आंदोलनस्थल पर पुलिस बल की मौजूदगी को लेकर फैली हिरासत की अफवाहों पर रांची के सिटी SP पारस राणा ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन का मकसद किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेना नहीं था.
सोशल मीडिया वायरल करने पहुंचे थे इन्फ्लुएंसर्स
सिटी SP पारस राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि आंदोलनस्थल पर पुलिस की आवाजाही को लेकर गलतफहमी फैलाई जा रही है. उन्होंने कहा, आंदोलनस्थल से किसी को हिरासत में लेने के लिए कोई नहीं आया था. असल बात यह है कि इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीडियो वायरल करने के लिए वहां पहुंच गए थे. जब प्रशासन वहां पहुंचा तो उन्होंने इसका फायदा उठाया. ऐसी अफवाह फैलाई जा रही है कि हम लोगों को हिरासत में लेने आए हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. हम यहां किसी को हिरासत में लेने नहीं आए हैं.
असामाजिक तत्वों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान
पुलिस की उपस्थिति का कारण बताते हुए सिटी SP ने कहा कि यह कदम छात्रों से संवाद और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था. प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव और माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस टीम वहां पहुंची थी. उन्होंने बताया कि आंदोलन की कोर कमेटी के सदस्यों ने स्वयं इस बात को स्वीकार किया है, कि कुछ असामाजिक तत्व विरोध प्रदर्शन का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे. SP पारस राणा ने कहा, सुरक्षा इंतजामों के बारे में, कोर कमेटी के सदस्यों ने खुद कहा है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने हमारे विरोध प्रदर्शन में बाधा डालने की कोशिश की. हम कुछ लोगों की पहचान की पुष्टि करने आए थे. यह पता लगाने के लिए कि वे कौन हैं. हमारी टीम छात्रों से बात करने आई थी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखना और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि कोई बाहरी या असामाजिक तत्व उनके आंदोलन का दुरुपयोग न कर सके.
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