Koderma: गया-आसनसोल मेमू ट्रेन 03515 में कोरोना काल से लगाए गए एक्सप्रेस चार्ज को हटाकर पुराना पैसेंजर किराया बहाल करने की मांग तेज हो गई है. कांग्रेस नेता सईद नसीम ने इस मुद्दे को लेकर DRM धनबाद और DC कोडरमा को ट्वीट कर जनहित में हस्तक्षेप की मांग की है.
5 साल से वसूला जा रहा 110 रु अतिरिक्त
सईद नसीम ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान मजदूर पैदल चलने को मजबूर थे. उसी समय रेलवे ने गया-आसनसोल मेमू 03515 को “स्पेशल ट्रेन” घोषित कर इसका किराया 70 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये कर दिया था. लगभग 5 साल बीत जाने और कोरोना खत्म होने के बाद भी आज तक यही किराया वसूला जा रहा है.उन्होंने कहा कि कोडरमा-गया-आसनसोल रूट पर रोजाना हजारों मजदूर, छात्र और मरीज सफर करते हैं. 300 से 500 रुपये दिहाड़ी कमाने वाले व्यक्ति के लिए 180 रुपये टिकट देना बहुत बड़ी बात है. इलाज के लिए गया जाने वाले मरीज और पढ़ाई के लिए आसनसोल जाने वाले छात्रों पर इसका सबसे ज्यादा बोझ पड़ रहा है.
ALSO READ: आजसू के महिला अधिवेशन में महिला सशक्तिकरण पर जोर, कई प्रस्ताव पारित

ट्वीट कर की मांग
सईद नसीम ने अपने ट्वीट में लिखा कि रेलवे ने खुद 01.12.2020 को माना था कि मेमू को एक्सप्रेस श्रेणी में चलाया जा रहा है. महामारी के नाम पर गरीबों की जेब पर डाका अब बंद होना चाहिए. उन्होंने मांग की कि तुरंत एक्सप्रेस चार्ज हटाकर किराया फिर से 70 रुपये पैसेंजर दर पर बहाल किया जाए.उन्होंने कहा कि कोरोना चला गया, लेकिन उसका टैक्स आज भी गरीबों से वसूला जा रहा है। यह अन्याय है। गरीब की रोटी पर वार बंद हो और पुराना किराया लागू हो। स्थानीय यात्रियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है और रेलवे से जल्द फैसला लेने की अपील की है।


