Koderma: आउटसोर्सिंग कंपनी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स हजारीबाग के अंतर्गत जिला के सदर अस्पताल एवं सभी प्रखण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत 360 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मानदेय के लिए झारखंड सरकार से आवंटन प्राप्त होने के बावजूद बकाया मानदेय भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों ने रोष व्याप्त है. मंगलवार को सीटू के बैनर तले झारखंड आउटसोर्सिंग कर्मचारी कर्मचारी संघ की बैठक सदर अस्पताल परिसर में रंजीत राम की अध्यक्षता में हुई. जिसमें 2 जुलाई को सिविल सर्जन कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. जिसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर 6 जुलाई से पूरी तरह से काम बंद करने का आह्वान किया गया.
श्रम कानूनों का सीधा सीधा उलंघन का आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों की लंबित मांगों को लेकर लगातार एक माह तक आंदोलन चलाने के बाद 01 जून से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था. हड़ताल के पहले दिन ही सिविल सर्जन की अध्यक्षता में कमांडो कम्पनी के प्रतिनिधियों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता हुई और जिसमें लिखित समझौता के आधार पर हड़ताल को स्थगित कर दिया गया. जिसमें आवंटन आते ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा. लेकिन आंवटन प्राप्त होने के 14 दिन के बाद भी मानदेय भुगतान नहीं करना श्रम कानूनों का सीधा सीधा उलंघन है. भुगतान नहीं होने के कारण राज्यभर के आउटसोर्सिंग कर्मचारी भूखों मरने की स्थिति में आ चूके हैं. आत्महत्या करने की परिस्थिति पैदा हो रही है. अब इनके सामने एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन करने छोड़ कोई रास्ता नहीं बचा है.

ये लोग शामिल रहें
बैठक में रंजीत राम, धीरज तिवारी, विशाल कुमार, राहुल कुमार, प्रिंस पांडेय, हीरालाल डोम, बिरेन्द्र राम, चंदन कुमार, अवनीश आर्यन, अमित कुमार, अनीश कुमार, रेखा देवी, सुनीता देवी, सुमा देवी, ममता कुमारी, राधा देवी, मंजू देवी, कुसुम, पवन कुमार, श्रीकान्त यादव, विनीत कुमार, नरेन्द्र, सिकंदर रजक, जगधात्री कुमारी, सुमित्रा एक्का, शांति लता होरो, रूबींता कुमारी, कारू, सबीना, बबीता, सुरज यादव, किशन कुमार, सलमा खातुन, सुनील राम, संतोष कुमार सहित दर्जनों आउटसोर्सिंग कर्मचारी मौजूद थे.
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