Koderma : एसटी 39/2024 में अगवा कर हत्या करने और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को बंद खदान में फेंकने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की कोर्ट ने आरोपी सूरज राणा, 29 वर्ष, पिता सुभाष राणा, ग्राम सिंगलोडीह, डोमचांच, जिला कोडरमा को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने आरोपी को धारा 302 और 364 आईपीसी के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. वहीं धारा 201 आईपीसी के तहत आरोपी को दो वर्ष की सजा सुनाई गई. कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
मामला वर्ष 2023 का है. मृतक प्रदीप पंडित की पत्नी सुनीता देवी ने तिलैया थाना में कांड संख्या 258/2023 दर्ज कराया था. आवेदन में उन्होंने बताया था कि 21 अक्टूबर 2023 को उनके पति दलजीत सिंह के साथ कोडरमा गए थे, जहां वह ड्राइवर के रूप में काम करते थे. इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा. उन्होंने पति के अपहरण में दलजीत सिंह की संलिप्तता की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की और सभी गवाहों का परीक्षण कराया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने दलीलें पेश कीं. कोर्ट ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई.

