Ranchi: राज्य से सभी सिविल कोर्ट में अब ऑनलाइन सुनवाई भी होगी. झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला न्याययुक्त को कहा गया है कि ऊर्जा संकट को देखते हुए यथासंभव मामलों की सुनवाई हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन सुनिश्चित की जाए. इसके लिए अधिवक्ताओं को अपना पक्ष रखने के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन(zitsi) के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए. वहीं गवाहों को अधिवक्ताओं के माध्यम से ऑनलाइन जोड़ने का प्रयास हो. सख्त निर्देश दिया गया है कि ऑनलाइन सुनवाई के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के नियमों एवं निर्देशों का सही से पालन किया जाए. मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तय मानकों के अनुसार ही कार्यवाही हो.
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पीएम मोदी की अपील के बाद निर्देश
झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 27 अगस्त 2025 के पत्र को विशेष रूप से पालन करने का निर्देश जारी किया गया है, इस पत्र के अनुसार यदि वादी एवं प्रतिवादी दोनों वर्चुअल मोड में सुनवाई के सक्षम एवं जागरूक हों तो सुनवाई की जा सकती है. यदि दोनों में से एक पक्ष भी अगर सक्षम नहीं हों तो सुनवाई फिजिकल मोड में ही होगी. दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा और अदालत को यह विश्वास दिलाना होगा कि वादी-प्रतिवादी दोनों ऑनलाइन सुनवाई के लिए सहमत एवं जागरूक हैं. यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील एवं राज्य में ईंधन संकट को देखते हुए लिया गया है. आदेश में प्रत्यक्ष रूप से सुनवाई के लिए शामिल हो रहे हैं अधिवक्ताओं एवं न्यायालय में काम कर रहे कर्मियों को संयुक्त रूप से न्यायालय आने के लिए कहा गया है. वाहन साझा करने की अपील की गई है.

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