NewsWave Desk: फेमिनिज्म क्या है? फेमिनिज्म (Feminism) या नारीवाद का मतलब है महिलाओं और पुरुषों को समाज में बराबर अधिकार और मौके मिलना चाहिए. जो लोग इस सोच को मानते हैं, उन्हें फेमिनिस्ट कहा जाता है. फेमिनिज्म का मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओं को भी वही हक और सम्मान मिले, जो पुरुषों को मिलते हैं.
फेमिनिज्म किन बातों पर ध्यान देता है?

- फेमिनिज्म बराबरी के हक की बात करता है.
- महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने का अधिकार होना चाहिए, जैसे पढ़ाई, शादी, करियर, बच्चे, पैसों का इस्तेमाल आदि.
- फेमिनिज्म मानता है कि महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, वे डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी, टीचर या कुछ भी बन सकती हैं.
- यह आंदोलन महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा, भेदभाव, भ्रूण हत्या और पुराने रिवाजों के खिलाफ आवाज उठाता है.
- फेमिनिस्ट सिर्फ महिलाएं नहीं, पुरुष भी हो सकते हैं, जो महिलाओं के हक की बात करें.
फेमिनिज्म सही है या गलत?
फेमिनिज्म का मकसद सिर्फ बराबरी और हक दिलाना है, न कि पुरुषों से नफरत करना. कुछ लोग इसका गलत फायदा भी उठा सकते हैं, लेकिन असली फेमिनिज्म किसी के खिलाफ नफरत या गुस्सा नहीं फैलाता.
कई बार महिलाओं को पढ़ाई, नौकरी, शादी या अपने फैसले खुद लेने से रोका जाता है. फेमिनिज्म यही कहता है कि महिलाओं को आगे बढ़ना चाहिए और अपने हक के लिए खड़ा होना चाहिए. जब महिलाएं अपने हक को समझेंगी, तो वे अपने आत्म-सम्मान को भी समझेंगी.
हर किसी का नजरिया फेमिनिज्म को लेकर अलग हो सकता है, लेकिन असल में इसका मतलब है सभी को बराबर अधिकार मिलना चाहिए . फेमिनिज्म क्या है, यह जानना हर किसी के लिए जरूरी है.
