Delhi: झारखंड शराब घोटाला केस में आरोपी सौरभ आशीष केडिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.उसने अपनी अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी. जिसपर पिछले दिनों शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सौरभ केडिया के खिलाफ अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की पीड़क कार्रवाई पर रोक का आदेश दिया है सुप्रीम कोर्ट ने यह शर्त रखी है कि सौरभ केडिया एसीबी की जांच में सहयोग करेंगे और केस के जाँच अधिकारी यानि केस IO जब भी उन्हें एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहेंगे सौरभ को उपस्थित होना होगा.

नियम विरुद्ध के विरुद्ध मिला था टेंडर
सौरभ केडिया की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरिवंद कुमार और जस्टिस वी मोहना की बेंच में सुनवाई हुई. सौरभ आशीष केडिया मेसर्स दिशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की शराब डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के निदेशकों में से एक हैं. इस कंपनी को झारखंड में शराब की थोक आपूर्ति का लाइसेंस मिला था. एसीबी की अब तक की जाँच में यह बातें सामने आई हैं कि नियमों के मुताबिक टेंडर लेने के लिए 3 साल का टैक्स रिटर्न सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य था लेकिन सौरभ आशीष केडिया की कंपनी ने केवल 2 साल के दस्तावेज दिए फिर भी उन्हें टेंडर दे दिया गया जो नियम विरुद्ध है.

अग्रिम बेल देने से हाईकोर्ट ने किया इंकार
सौरभ आशीष केडिया की तलाश एसीबी को करीब एक वर्ष से हैं लेकिन वह एसीबी के डर से फरार चल रहा है. इससे पहले सौरभ केडिया ने अपनी अग्रिम जमानत के लिए झारखंड हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी याचिका ख़ारिज करते हुए उसे अग्रिम बेल देने से इंकार कर दिया था.

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