Lohardaga: सेन्हा थाना क्षेत्र के बक्सी डीपा (बदला) गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई. बताया जा रहा है कि युवक घर में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहा था, तभी अचानक आग तेज हो गई और वह उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया. घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल लोहरदगा पहुंचाया, जहां करीब 12 घंटे तक चले इलाज के बाद भी चिकित्सक उसे बचा नहीं सके. युवक की मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है.
खाना बनाते समय अचानक भड़की आग
मृतक की पहचान बक्सी डीपा (बदला) गांव निवासी मुनीम उरांव (35 वर्ष), पिता पंड्या उरांव के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, मुनीम उरांव की पत्नी किसी जरूरी काम से अपने मायके गई हुई थीं. घर में अकेले होने के कारण मुनीम खुद लकड़ी के चूल्हे पर खाना तैयार कर रहे थे. इसी दौरान चूल्हे की आग अचानक तेज हो गई और देखते ही देखते आग की लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.
ग्रामीणों ने पहुंचकर बचाने का किया प्रयास
आग की चपेट में आने के बाद मुनीम उरांव ने शोर मचाया, उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया. इसके बाद गंभीर रूप से झुलसे मुनीम उरांव को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल लोहरदगा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उपचार शुरू किया.
12 घंटे तक चला इलाज, नहीं बच सकी जान
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने करीब 12 घंटे तक लगातार उनका इलाज किया, लेकिन शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस जाने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. तमाम प्रयासों के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचाने में सफल नहीं हो सके और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई, युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया.
दो मासूम बच्चियों के सिर से उठा पिता का साया
मुनीम उरांव अपने पीछे पत्नी और दो छोटी मासूम बच्चियों को छोड़ गए हैं, पिता की अचानक मौत से दोनों बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया है. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. सदर अस्पताल परिसर में भी रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही, जहां हर किसी की आंखें नम नजर आई.
