Palamu: पलामू के ऐतिहासिक चैनपुर राजगढ़ परिसर से आज भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा पूरे विधि-विधान के साथ निकाली गई. जय जगन्नाथ के उद्घोष और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया. सड़कों पर हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा, जहां लोग रथ की एक झलक पाने और पवित्र रस्सी को छूने के लिए आतुर दिखे. चैनपुर राजगढ़ की यह रथ यात्रा अपनी प्राचीन परंपरा के लिए विख्यात है. इसका इतिहास करीब 195 साल पुराना है. राजशाही काल से चली आ रही इस गौरवशाली परंपरा को आज भी उसी उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाया जा रहा है. आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रथ यात्रा से एक दिन पूर्व भगवान को 56 भोग अर्पित किया गया था, वहीं आज यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान को पारंपरिक ‘अनारसा’ का प्रसाद अर्पित किया.

सैकड़ों की संख्या में गणमान्य भक्त और श्रद्धालु हुए शामिल
राजगढ़ मंदिर से आरंभ हुई यह रथ यात्रा चैनपुर बाजार, महावीर मंदिर चौक और अस्पताल चौक होते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर कुसुमदाहा स्थित ‘मौसी बाड़ी’ पहुंची. मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ अपने भाई और बहन के साथ अगले आठ दिनों तक यहीं विश्राम करेंगे, जहां प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. आठ दिनों के बाद ‘घुरती रथ यात्रा’ के माध्यम से प्रभु पुनः अपने मुख्य मंदिर लौटेंगे. शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. चैनपुर पुलिस की टीम उत्सव के दौरान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैदी के साथ तैनात रही. इस ऐतिहासिक आयोजन में विवेक भवानी सिंह, विश्वदेव सिंह, मंगल सिंह और सुनील सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य भक्त और श्रद्धालु शामिल हुए.
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