Bokaro: बीएसएल प्लांट के एसजीपी गेट से तेनु नहर मार्ग पर क्षमता से अधिक भारी वाहनों के परिवहन की वजह से जर्जर हो चुकी सड़क व उड़ते धूलकण से प्रभावित आसपास के ग्रामीणों ने रोकथाम को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन दिया, जिसमें उक्त सड़क पर स्लेग लदे भारी वाहनों को अनिश्चितकालीन बंद करने की मांग की. आवेदन के माध्यम से ग्रामीण बीरबल मरांडी, धीरन सोरेन व रसिक हेंब्रम ने कहा है, कि तुपकाडीह नहर सड़क मार्ग से सटे आदिवासी बाहुल्य गांव बोदरोटांड़, झीकलप्पा, बरुआटांड़, डुंगरीघुटू, बीरसिंहडीह व कई टोले मोहल्ले में सैंकड़ों की संख्या में लोग रहते हैं.

जानलेवा गढ्ढोंं व जलजमाव के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे
उक्त सड़क से बीएसएल कर्मचारियों, ठेका कर्मी के आलावा गांव के ग्रामीण समेत स्कूली गाड़ियों का आना जाना लगा रहता है. मार्ग से बिना तिरपाल लगाएं चलने वाली भारी वाहनों से गिरते बोल्डर, लगातार उड़ती धूल-मिट्टी और भारी वाहन के परिचालन से बने जानलेवा गढ्ढोंं व जलजमाव के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं. सड़क की स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि स्कूली वाहनें गांवों तक आने से कतराने लगे हैं. इतना ही नहीं उक्त गाड़ियों का परिचालन को लेकर कोई समय निर्धारित नहीं किए जाने के कारण तुपकाडीह तेनु नहर पुल व बाजार में अक्सरा रुक रुक कर सड़क जाम की स्थिति बनी रहती है. ग्रामीणों ने कहा कि मामले की गंभीरता और जन-आक्रोश को देखते हुए उपायुक्त स्वयं हस्तक्षेप कर संबंधित कंपनियों में एचजी इन्फ्रा, एनजी प्रजोक्ट निर्माण लिमिटेड के वाहनों को रोक लगाएं. साथ ही भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करवाने की मांग की है.
