Ranchi: झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और मानसून ट्रफ की वजह से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में सबसे अधिक 65.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने तथा तापमान में गिरावट की संभावना जताई है.
मौसमी प्रणालियों का असर और मौजूदा स्थिति
राज्य में चल रही मानसूनी हलचल के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण सक्रिय हैं. पहला, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी उसी इलाके में बना हुआ है, जिससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है. दूसरा, मानसून ट्रफ अब बीकानेर, मध्य प्रदेश के इस कम दबाव क्षेत्र, सीधी, रांची, दीघा और वहां से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक गुजर रहा है. इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास उसी क्षेत्र में एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इन तमाम मौसमी गतिविधियों का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है.
पाकुड़ रहा सबसे गर्म, लातेहार सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के तापमान में व्यापक विविधता देखने को मिली.राज्य में सबसे अधिक उच्चतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस पाकुड़ में दर्ज किया गया.सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस लातेहारमें दर्ज किया गया, जिससे वहां हल्की ठंडक महसूस की गई. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, लेकिन उसके बाद के 3 दिनों के दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
17 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
• 11 और 12 अगस्त: राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भागों में कहीं-कहीं पर मध्यम दर्जे के गर्जन, वज्रपात (ठनका गिरने) और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है. आसमान आम तौर पर बादलों से घिरा रहेगा.
• 13 अगस्त: राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्से में गरज के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की आशंका है. इस दौरान अनेक स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.
• 14 अगस्त: राज्य में कुछ स्थानों पर वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी है. इसके अलावा, दक्षिणी भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है.
• 15 से 17 अगस्त: राज्य के लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा या मेघगर्जन हो सकती है. खासकर 15 और 16 अगस्त को दक्षिणी, मध्य (गुमला, रांची, खूंटी, लोहरदगा, रामगढ़ और हजारीबाग) एवं उत्तर-पश्चिमी (लातेहार) भागों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है.
रांची और आसपास के जिलों का मौसम हाल
• 11 अगस्त: आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी.
• 12 और 13 अगस्त: बादल छाए रहने के साथ-साथ दिन में दो या अधिक बार हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.
• 14 और 15 अगस्त: आसमान पूरी तरह बादलों से ढंका रहेगा और शहर में लगातार मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जाएगी.
• 16 और 17 अगस्त: बादलों की आवाजाही बनी रहेगी तथा रांची में दो या अधिक बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने का अनुमान है.
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