Lohardaga: जिले में एक गर्भवती महिला को हाथ में स्लाइन लगे हुए स्कूटी पर ले जाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. इस खबर को न्यूज वेव झारखंड के द्वारा “लोहरदगा सदर अस्पताल की बड़ी लापरवाही: रिम्स रेफर गर्भवती महिला को स्लाइन चढ़ी हालत में स्कूटी पर ले गए, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप” शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी. इस घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल, लोहरदगा के उपाधीक्षक ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएस) को पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है, साथ ही जिम्मेदार सहिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी को पत्र लिखा है.

क्या है पूरा मामला?
लोहरदगा के तोड़ांग (हनहट कैरो) की रहने वाली गर्भवती महिला कुंती कुमारी (पति: श्रीजन उरांव) को 15 जून 2026 की दोपहर लगभग 3:30 बजे लोहरदगा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में डॉ. स्मृति द्वारा महिला का इलाज किया जा रहा था. इलाज के दौरान यह बात सामने आई कि मरीज की प्रसव की तय तारीख बीते 23 दिन पार हो चुके थे. डॉक्टर स्मृति द्वारा ऑपरेशन न करके, मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे हाथ में सलाइन लगाकर बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया गया.
एम्बुलेंस की सलाह ठुकराकर स्कूटी से ले गए परिजन और सहिया
दस्तावेजों के मुताबिक, अस्पताल के स्टाफ द्वारा मरीज के परिजनों और उनके साथ आई सहिया (आशा देवी, जोरी) को 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करने की सलाह दी गई थी. उपाधीक्षक द्वारा सीएस को भेजे गए पत्र के अनुसार, परिजनों ने अस्पताल स्टाफ को बताया था कि उनके पास स्वयं का चौपहिया वाहन उपलब्ध है और वे उसी से मरीज को ले जाएंगे. इसके बाद उन्हें रेफर का कागज सौंप दिया गया. हालांकि, थाना प्रभारी को भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि सहिया आशा देवी मरीज के जान-माल की परवाह किए बिना, उसे चौपहिया वाहन के बजाय स्कूटी पर बैठाकर ले गईं, जिसका वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला गरमा गया.
अस्पताल प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम को लापरवाही मानते हुए सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने दो अलग-अलग पत्र जारी कर कड़े कदम उठाए हैं. असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, लोहरदगा को इस पूरे मामले से अवगत कराया गया है. उपाधीक्षक ने लोहरदगा थाना प्रभारी को आवेदन देकर गर्भवती महिला की जान जोखिम में डालने वाली स्वास्थ्य सहिया आशा देवी के खिलाफ सनहा दर्ज करने का लिखित अनुरोध किया है.
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होने और परिजनों द्वारा गाड़ी की बात कहे जाने के बावजूद मरीज को इस तरह स्कूटी पर ले जाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और इसके लिए सहिया के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.



